#विधा,,आलेख शीर्षक,,मन कचोंटन–विवेचन ———-*——————– * यह मन बड़ा चंचल है कैसे इसे समझाऊं। मन की व्यथा हंस-हंस कर गाऊं या आंसुओं में गिनाऊं। जब मन की व्यथा बिगड़ती है उससे कुछ दिखाई नहीं देता बस वही वही नजर आतीं हैं। * यारों उसकी हर अदा मन को भाती है उसके हर शब्द मन में मिश्री … Read more