Gazal

Gazal ग़ज़ल है चुप-चुप आसमाँ, कम रोशनी है,किसी की याद हर धड़कन बनी है। बँटवारा चलन ही बन चुका है अब,न साबित रात, टुकड़े चाँदनी है। ना हल्के में घटाओं को समझना,गुँथी उनकी लटों में दामिनी है। है रूठा जो समंदर, कुछ वजह है,कोई ज़िद तो फ़िज़ाओं में ठनी है। जो खुशियों के तराने चाहते … Read more

अधूरे सपने

*अधूरे सपने* बचपन की धूप में एक सपना पलता था, हाथ में बल्ला था, दिल में आस जलता था। हर गली मेरा छोटा-सा मैदान बन जाती, हर जीत मेरी दुनिया को मुस्कुराती। मैं भी नीली जर्सी पहनना चाहता था, तिरंगे के लिए मैदान में उतरना चाहता था। हर चौके पर माँ की आँखें चमकतीं, हर … Read more

दिल टूटा

शीर्षक,,दिल टूटा #आज का विषय मन की शांति:-# ———————- बागियों के दिल कहां हुआ करते हैं, क्यों मेरा नन्हा दिल धोखे में आया । कभी सोचा ना मैंने ऐसा प्यार पाया , इक मुद्दत के बाद वो बेवफा सामने आया । वो बेदर्दी दिल में आग लगा, दूसरी गली में चिराग जला आया। इन बेबस … Read more

अश्क

*शीर्षक अश्क:-* “””””””””””””””””””””””””””””” आंख का आंसू हथेली पे डोल गया, मन की व्यथा का राज खोल गया । इशारों ही इशारों में बात हुई, हथेली में ही उससे मुलाकात हुई। यारों जमीं पे खतों की बरसात हुई, सन्नाटे सी विरानीयो में रोशन खुशियों की बहार हुई । अश्क को देख खाली गगरी भी झलकने लगी, … Read more

मोहब्बत का गुलाबी रंग

मोहब्बत का गुलाबी रंग  गुलाबी आभा में तुम,जैसे भोर की पहली लाली,सज गई हो प्रेम की देवी,बनकर मन की हरियाली। माथे की बिंदी कहती है,चाँद भी तुमसे शरमाए,माँग का सिंदूर सुहाग बन,जीवन में मधुमास जगाए। मोती जड़ी वह मांगटीका,नभ के तारों-सा दमके,नयनों की गहरी चितवन में,लाखों सावन आकर थमके। अधरों पर मुस्कान खिले,जैसे गुलाब की … Read more

जब शब्द दिल की बात कहने लगें

जब शब्द दिल की बात कहने लगें अकेले कोने में बैठी हुई,अक्सर मैं खुद से बातें किया करती हूँ,न जाने इस दिल का हाल क्या है—कभी बेचैन, तो कभी बेफ़िक्र सा रहता है। कभी किसी के लिए तड़पता है,तो कभी किसी से बेइंतहा मोहब्बत करता है,कभी दिल के कुछ अल्फ़ाज़सिर्फ़ दिल में ही रह जाते … Read more

मन कचोंटन विमोचन

मन कचोंटन विमोचन *शीर्षक,,,में गरीब ही ठीक हूँ?* “””””‘”””””””””””””””””””””””””” *यारो गरीब कि जिंदगी में बस, क्या है देखिए,,,,,,,,,* ग़रीबी उलझनों का रैन बसेरा होती है। मगर फिर भी गरीब खुश रहता है क्यों ?? क्योंकि ना इन्हे महलों के सुख नसीब होते हैं, ना सुदामा जैसा मित्र मिलता है । ना दो वक्त की रोटी … Read more

तुम्हारी मुस्कान में मेरा जहाँ

*तुम्हारी मुस्कान में मेरा जहाँ* तुम्हारी मुस्कान में मेरा जहाँ बसता है, हर धड़कन में बस तुम्हारा नाम सजता है। माथे की बिंदी जैसे चाँद की लाली, तुम्हें देखकर महक उठी मेरी हर डाली। तेरी आँखों में सावन की गहराई है, उनमें ही मेरी हर खुशी समाई है। लबों की हँसी गुलाब सी खिल जाती … Read more