Trending Poetry
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अधूरे सपने
*अधूरे सपने* बचपन की धूप में एक सपना पलता था, हाथ में बल्ला था, दिल में आस जलता था। हर गली मेरा छोटा-सा मैदान बन जाती, हर जीत मेरी दुनिया को मुस्कुराती। मैं भी नीली जर्सी पहनना चाहता था, तिरंगे के लिए मैदान में उतरना चाहता था। हर चौके पर माँ की आँखें चमकतीं, हर … Read more
अश्क
*शीर्षक अश्क:-* “””””””””””””””””””””””””””””” आंख का आंसू हथेली पे डोल गया, मन की व्यथा का राज खोल गया । इशारों ही इशारों में बात हुई, हथेली में ही उससे मुलाकात हुई। यारों जमीं पे खतों की बरसात हुई, सन्नाटे सी विरानीयो में रोशन खुशियों की बहार हुई । अश्क को देख खाली गगरी भी झलकने लगी, … Read more
मोहब्बत का गुलाबी रंग
मोहब्बत का गुलाबी रंग गुलाबी आभा में तुम,जैसे भोर की पहली लाली,सज गई हो प्रेम की देवी,बनकर मन की हरियाली। माथे की बिंदी कहती है,चाँद भी तुमसे शरमाए,माँग का सिंदूर सुहाग बन,जीवन में मधुमास जगाए। मोती जड़ी वह मांगटीका,नभ के तारों-सा दमके,नयनों की गहरी चितवन में,लाखों सावन आकर थमके। अधरों पर मुस्कान खिले,जैसे गुलाब की … Read more
जब शब्द दिल की बात कहने लगें
जब शब्द दिल की बात कहने लगें अकेले कोने में बैठी हुई,अक्सर मैं खुद से बातें किया करती हूँ,न जाने इस दिल का हाल क्या है—कभी बेचैन, तो कभी बेफ़िक्र सा रहता है। कभी किसी के लिए तड़पता है,तो कभी किसी से बेइंतहा मोहब्बत करता है,कभी दिल के कुछ अल्फ़ाज़सिर्फ़ दिल में ही रह जाते … Read more
मन कचोंटन विमोचन
मन कचोंटन विमोचन *शीर्षक,,,में गरीब ही ठीक हूँ?* “””””‘”””””””””””””””””””””””””” *यारो गरीब कि जिंदगी में बस, क्या है देखिए,,,,,,,,,* ग़रीबी उलझनों का रैन बसेरा होती है। मगर फिर भी गरीब खुश रहता है क्यों ?? क्योंकि ना इन्हे महलों के सुख नसीब होते हैं, ना सुदामा जैसा मित्र मिलता है । ना दो वक्त की रोटी … Read more
तुम्हारी मुस्कान में मेरा जहाँ
*तुम्हारी मुस्कान में मेरा जहाँ* तुम्हारी मुस्कान में मेरा जहाँ बसता है, हर धड़कन में बस तुम्हारा नाम सजता है। माथे की बिंदी जैसे चाँद की लाली, तुम्हें देखकर महक उठी मेरी हर डाली। तेरी आँखों में सावन की गहराई है, उनमें ही मेरी हर खुशी समाई है। लबों की हँसी गुलाब सी खिल जाती … Read more
सुबह की कविता "खिलौने बदल गए"
बचपन की यादें और आज के बचपन की तुलना