मन कचोंटन विमोचन

मन कचोंटन विमोचन *शीर्षक,,,में गरीब ही ठीक हूँ?* “””””‘”””””””””””””””””””””””””” *यारो गरीब कि जिंदगी में बस, क्या है देखिए,,,,,,,,,* ग़रीबी उलझनों का रैन बसेरा होती है। मगर फिर भी गरीब खुश रहता है क्यों ?? क्योंकि ना इन्हे महलों के सुख नसीब होते हैं, ना सुदामा जैसा मित्र मिलता है । ना दो वक्त की रोटी … Read more

तुम्हारी मुस्कान में मेरा जहाँ

*तुम्हारी मुस्कान में मेरा जहाँ* तुम्हारी मुस्कान में मेरा जहाँ बसता है, हर धड़कन में बस तुम्हारा नाम सजता है। माथे की बिंदी जैसे चाँद की लाली, तुम्हें देखकर महक उठी मेरी हर डाली। तेरी आँखों में सावन की गहराई है, उनमें ही मेरी हर खुशी समाई है। लबों की हँसी गुलाब सी खिल जाती … Read more

गुरु पूर्णिमा

ज्ञान का दीपक

गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर, आइए पढ़ते हैं एक ऐसे सच्चे गुरु और शिष्य की कहानी, जो साबित करती है कि शिक्षा और संस्कार इंसान का जीवन कैसे बदल सकते हैं। ज्ञान का दीपक: एक सच्चे गुरु की कहानी गाँव के किनारे बसे एक छोटे से विद्यालय में आचार्य विद्यानंद पढ़ाते थे। उनके पास … Read more

कलयुग कविता- Dr. Rishika Verma Beautiful Poem only on Muktika Publication

विषय: कलयुगकलयुग है ये धर्म की डोरी कमजोर है, पापों की अब भरमार है,सत्य ढूँढने निकले जो, पथ में उनके अंधकार है।नेता बोले मीठे बोल, भीतर लेकिन विष का जाल है,नीति, मर्यादा, शर्म-संकोच सब यहाँ बिकते है सब दलाल है। लोभ बना है भगवान यहाँ, माया ने सबको घेरा है। रिश्ते-नाते छूट गए हैं, मतलब … Read more

हनुमान जन्मोत्सव- Sunitha Viswanaathan Poetry only on Muktika Publication

हनुमान जन्मोत्सवहनुमान, शक्ति के सागर, भक्ति के सच्चे सिपाही,जिनकी भक्ति की गूंज, जैसे गूंजे गगन में गूढ़ राही।राम के चरणों में बसी, उनकी अनन्य निष्ठा,जन्मोत्सव मनाते हम, करते हैं उनकी आराधना।जन्मोत्सव का यह पर्व, जैसे बहारों की पहली किरण,संग लाता है सबको, जैसे चाँद लाए रात की चादर।भक्ति की महक से महके, हर गली, हर … Read more

Kalyug: A Reflection- Sunitha Viswanaathan Philosophical Poetry only on Muktika Publication

Kalyug: A Reflection In the era of Kalyug, values are steadily declining,Ethics and virtues, past their prime, now rust.Every bond made holy now sits in strife,Wars and tensions render the fabric of life.Jealousy bitter, a snake-like root,Where love should grow, it curls and coils.Material things, the shining snare,Scream out what was occasionally rare.Family values, like the autumn leaves,They are scattered and lost, brought … Read more

महकती रात का रहस्य भाग-1 Horror Story only on Muktika Publication Exclusive

हमारे आसपास कुछ ऐसी अप्रत्याशित घटना हो जाती है, जिसका हमें पता नहीं रहता और वह ऐसे भुला दी जाती है। यह कहानी है शिल्पा और देवेन की शादी हुई,शिल्पा बहुत ही सुंदर थी। घर में भरा-पूरा परिवार सास, देवर सभी थे, ससुर जी का बहुत पहले देहांत हो गया था। शिल्पा जितनी सुंदर थी, … Read more

The Whispers in the Wind heart touching English Story

The Whispers in the Wind In a quaint town nestled between rolling hills and whispering trees, a family of four had recently moved into an old house at the edge of the woods. Kaushik, the devoted father, his wife Rathy, and their two spirited boys, Guhan and Avatar, were eager to start their new life. … Read more

26/11 और तुकाराम ओंबले की शहादत पढ़े Muktika Publication पर

26/11 मुंबई हमला भारत के इतिहास के सबसे काले दिनों में से एक है, जो सबके दिलों में गहराई से अंकित है। 26 नवंबर 2008 को समन्वित आतंकवादी हमलों की एक श्रृंखला ने मुंबई के प्रतिष्ठित स्थलों ताज महल पैलेस होटल, ओबेरॉय ट्राइडेंट, सीएसटी रेलवे स्टेशन और नरीमन हाउस की निशाना बनाया। इस त्रासदी ने … Read more