Hindi Poetry
मन की शांति
मन की शांति जब भी तुम्हारे संग बिताएउन खूबसूरत लम्हों को याद करती हूँ,न जाने क्यों…मेरे बेचैन मन कोएक अजीब-सा सुकून मिल जाता है। तुम्हारी बाँहों में सिमटकरजो बेफ़िक्री महसूस होती थी,तुम्हारे सीने से लगकरजो शांति मिलती थी,वो आज भीमेरे मन की सबसे प्यारी शांति है। कैसे कह दूँ कि प्रेम नहीं है तुमसे,जब तुम्हारी … Read more
अश्क
*शीर्षक अश्क:-* “””””””””””””””””””””””””””””” आंख का आंसू हथेली पे डोल गया, मन की व्यथा का राज खोल गया । इशारों ही इशारों में बात हुई, हथेली में ही उससे मुलाकात हुई। यारों जमीं पे खतों की बरसात हुई, सन्नाटे सी विरानीयो में रोशन खुशियों की बहार हुई । अश्क को देख खाली गगरी भी झलकने लगी, … Read more
जब शब्द दिल की बात कहने लगें
जब शब्द दिल की बात कहने लगें अकेले कोने में बैठी हुई,अक्सर मैं खुद से बातें किया करती हूँ,न जाने इस दिल का हाल क्या है—कभी बेचैन, तो कभी बेफ़िक्र सा रहता है। कभी किसी के लिए तड़पता है,तो कभी किसी से बेइंतहा मोहब्बत करता है,कभी दिल के कुछ अल्फ़ाज़सिर्फ़ दिल में ही रह जाते … Read more
बहाना तो है नहीं- ग़ज़ल
बहाना तो है नहीं- ग़ज़ल जीने का कोई अपना बहाना तो है नहीं, पर बिन जिए जहाँ से यूँ जाना तो है नहीं। बाती की उम्र ही है रोशनी की जिंदगी, पर रोशनी का कोई ठिकाना तो है नहीं। सबकी है अपनी सोच, यहाँ आदतें भी हैं, बेबात की हर बात सताना तो है नहीं। … Read more
मन कचोंटन विमोचन
मन कचोंटन विमोचन *शीर्षक,,,में गरीब ही ठीक हूँ?* “””””‘”””””””””””””””””””””””””” *यारो गरीब कि जिंदगी में बस, क्या है देखिए,,,,,,,,,* ग़रीबी उलझनों का रैन बसेरा होती है। मगर फिर भी गरीब खुश रहता है क्यों ?? क्योंकि ना इन्हे महलों के सुख नसीब होते हैं, ना सुदामा जैसा मित्र मिलता है । ना दो वक्त की रोटी … Read more
नारी तुम महान हो
नारी तुम महान हो। नारी तुम सर्वशक्तिमान हो। प्रेम, दया, त्याग की मूरत, तुम धरती का सम्मान हो। नारी तुम महान हो। संसार की जननी, जग की पालन हार, कोमल काया, किन्तु बलवान हो। नारी तुम महान हो। तुम बिन सूना घर , सूना आंगन, तुम घर की मर्यादा, घर का मान हो। नारी तुम … Read more
तोंदू जी की तोंद मटके जैसे गोल हास्य कविता
*शीर्षक,,, तोंदू जी की तोंद मटके जैसे गोल,:-* *हास्य कविता:-* “””“””””“”””””””””””””””””””””‘”” तोंदु जी की तोंद हे या अलमारी, या लगी तुम्हें भी इश्कि बीमारी । हंसते हंसते ये तोंदू हो गई भारी , तभी हास्य व्यंग करे दुनिया सारी । ये दादी के मटके जैसे गोल हैं, देखो बीच में मची हुई पोल है। मतवाली … Read more
विज्ञान श्री माया
में काई सुनावा थाने विज्ञान रा नफा ने नुकसान ,
मैं तो ठहरियो गाम रा अल्लहड किसान ,
मैं बोला गाम री जुबानी ईशान रे भाया,
या चार्ली जब से मोबाइल की लहरा