जब शब्द दिल की बात कहने लगें

जब शब्द दिल की बात कहने लगें अकेले कोने में बैठी हुई,अक्सर मैं खुद से बातें किया करती हूँ,न जाने इस दिल का हाल क्या है—कभी बेचैन, तो कभी बेफ़िक्र सा रहता है। कभी किसी के लिए तड़पता है,तो कभी किसी से बेइंतहा मोहब्बत करता है,कभी दिल के कुछ अल्फ़ाज़सिर्फ़ दिल में ही रह जाते … Read more