बहाना तो है नहीं- ग़ज़ल

बहाना तो है नहीं- ग़ज़ल जीने का कोई अपना बहाना तो है नहीं, पर बिन जिए जहाँ से यूँ जाना तो है नहीं। बाती की उम्र ही है रोशनी की जिंदगी, पर रोशनी का कोई ठिकाना तो है नहीं। सबकी है अपनी सोच, यहाँ आदतें भी हैं, बेबात की हर बात सताना तो है नहीं। … Read more