तोंदू जी की तोंद मटके जैसे गोल हास्य कविता

*शीर्षक,,, तोंदू जी की तोंद मटके जैसे गोल,:-* *हास्य कविता:-* “””“””””“”””””””””””””””””””””‘”” तोंदु जी की तोंद हे या अलमारी, या लगी तुम्हें भी इश्कि बीमारी । हंसते हंसते ये तोंदू हो गई भारी , तभी हास्य व्यंग करे दुनिया सारी । ये दादी के मटके जैसे गोल हैं, देखो बीच में मची हुई पोल है। मतवाली … Read more

माँ की ओढ़नी

माँ, आँचल,त्याग, मातृ *1- माँ की ओढ़नी* बरसों से मौसम आते-जाते, माँ का मौसम एक रहा, खुद भीगती रही सदा, मुझ पर उसका स्नेह रहा। साड़ी की छोटी-सी छाया, मेरे लिए आकाश बनी, उसकी हर भीगी हुई सिलवट, मेरी जीवन-ढाल बनी। मैंने बारिश देखी केवल, उसने चिंता की बूँदें ओढ़ीं, मेरे हिस्से धूप बचाने, अपनी सारी खुशियाँ छोड़ी। माँ का आँचल छत नहीं, ईश्वर का ही विस्तार है, जिसकी छाया में मिट जाए हर भय, हर संताप है। जब भी जीवन आँधी बनकर, मेरे साहस को परखेगा, एक भीगी माँ का आँचल ही मुझे सँभालेगा। ममता का मूल्य कहाँ मिलता, धन-दौलत के बाज़ारों में, माँ हर मौसम भीग जाती है… सिर्फ़ बच्चों की मुस्कानों में।प्रेम

Writer of the Year – Season 4 | मुक्तिका पब्लिकेशन द्वारा आयोजित एक प्रतिष्ठित सम्मान (Year 2026)

🏆Writer of the Year – Season 4 | मुक्तिका पब्लिकेशन द्वारा आयोजित एक प्रतिष्ठित सम्मान (Year – 2026) क्या आप अपनी लेखन यात्रा को अगले स्तर पर ले जाने और अपनी साहित्यिक प्रतिभा के लिए सम्मानित होने के लिए तैयार हैं?मुक्तिका पब्लिकेशन गर्व से प्रस्तुत करता है “Writer of the Year Season 4”, एक ऐसा … Read more

मुक्तिका पब्लिकेशन द्वारा आतंकवाद नहीं सहेंगे काव्यपाठ एवं परिचर्चा सम्पन्न हुई

मुक्तिका पब्लिकेशन परिवार द्वारा पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए आतंकवाद नहीं सहेंगे कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसके संस्थापक अजय कुमार द्विवेदी , कानपुर , उ. प्र. एवं सह संस्थापक ममता जायसवाल रायपुर, छत्तीसगढ़ एवं सभी रचनाकारों ने दो मिनट का मौन द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम की … Read more

कलयुग- एकता चतुर्वेदी Emotional Poetry by Muktika Publication

शीर्षक-कलयुग यहां सत्य का कोई साथी नहीं,सब बन बैठे असत्य के साथी है,यहां रिश्तों का कोई मोल नहीं,आया देखो ये कैसा कलयुग है।।पति के जाते ड्यूटी पर पत्नी,गैर मर्द के साथ रात बिताती है,यहां कोई रिश्तों का मोल नहीं,आया देखो ये कैसा कलयुग है।।यहां पति भी पत्नी से कम नहीं,वो भी देता पत्नी को खूब … Read more

INTERNATIONAL POETRY Contest 2025 on Muktika Publication

Calling All Poets Across the Globe! ✍️ Are you passionate about poetry? Do you love expressing spirituality through words? Muktika Publication invites you to participate in our Spiritual Poetry Writing Competition and showcase your talent to the world! 🔹 Theme: Spiritual🔹 Entry Fee: 10 USD🔹 Last Date for Submission: April 26, 2025🔹 Why Participate?✅ Get … Read more