मेरी कलम मेरी पहचान ✍🏼
मेरी कलम सिर्फ शब्द नहीं लिखती, मेरे मन के भावों को आवाज़ देती है। दर्द को शक्ति, मौन को अभिव्यक्ति और सपनों को विश्वास देती है। मेरे लिए कलम ही मेरा स्वाभिमान, मेरी रूह और मेरी सबसे सच्ची पहचान है। ✍🏼❤️
मेरी कलम सिर्फ शब्द नहीं लिखती, मेरे मन के भावों को आवाज़ देती है। दर्द को शक्ति, मौन को अभिव्यक्ति और सपनों को विश्वास देती है। मेरे लिए कलम ही मेरा स्वाभिमान, मेरी रूह और मेरी सबसे सच्ची पहचान है। ✍🏼❤️
नई सोच, नए सपनों और नई उम्मीदों की आहट है नवांकुर।
माँ, आँचल,त्याग, मातृ *1- माँ की ओढ़नी* बरसों से मौसम आते-जाते, माँ का मौसम एक रहा, खुद भीगती रही सदा, मुझ पर उसका स्नेह रहा। साड़ी की छोटी-सी छाया, मेरे लिए आकाश बनी, उसकी हर भीगी हुई सिलवट, मेरी जीवन-ढाल बनी। मैंने बारिश देखी केवल, उसने चिंता की बूँदें ओढ़ीं, मेरे हिस्से धूप बचाने, अपनी सारी खुशियाँ छोड़ी। माँ का आँचल छत नहीं, ईश्वर का ही विस्तार है, जिसकी छाया में मिट जाए हर भय, हर संताप है। जब भी जीवन आँधी बनकर, मेरे साहस को परखेगा, एक भीगी माँ का आँचल ही मुझे सँभालेगा। ममता का मूल्य कहाँ मिलता, धन-दौलत के बाज़ारों में, माँ हर मौसम भीग जाती है… सिर्फ़ बच्चों की मुस्कानों में।प्रेम
अर्ज किया है..आप ने रचा है संसार को,आप के बिना संसार कहा,आपके चरणो की धुल भी सोना लगे,आपसे मिलने के बाद अहंकार कहा,अल्लाह, भगवान, जीसस अनेकों नाम है आपके,आपका एक नाम कहां,आप साथ रहते हो हमेशा मेरे, और कोई मेरे साथ कहां, हज़ारों शूरवीरों से परे,कोई आपसे ज्यादा बलवान कहां,आपके इशारे के बिना एक पत्ता … Read more
Embrace of the Divine: A Journey of Devotion’. In the still morning when shadows are lying tranquilly on,The sun is stroked the day by a master of gold.There are their summits rising amidst majestic mountains, a divine beauty,Their mysteries whisper in my ear and encircle my heart.I am soaring on the light breeze with my … Read more