तुम्हारी मुस्कान में मेरा जहाँ

*तुम्हारी मुस्कान में मेरा जहाँ*

तुम्हारी मुस्कान में मेरा जहाँ बसता है,
हर धड़कन में बस तुम्हारा नाम सजता है।

माथे की बिंदी जैसे चाँद की लाली,
तुम्हें देखकर महक उठी मेरी हर डाली।
तेरी आँखों में सावन की गहराई है,
उनमें ही मेरी हर खुशी समाई है।

लबों की हँसी गुलाब सी खिल जाती है,
दिल की वीरानी भी बहार बन जाती है।
तेरे कंगनों की खनक गीत सुनाती है,
मेरी तन्हाई को भी मुस्कुराती है।

तेरी सादगी सबसे हसीन लगती है,
हर अदा मेरी रूह में उतरती है।
जब भी तू यूँ नज़रों से बात करती है,
मेरी दुनिया मोहब्बत से भरती है।

तेरा चेहरा सुबह की पहली किरण लगे,
हर अँधेरा तेरे आने से शरण लगे।
तेरे संग हर मौसम गुलज़ार लगता है,
सूना दिल भी त्योहार लगता है।

तेरे हाथों की मेहँदी दुआ बन जाए,
मेरे हर कल की वजह बस तू बन जाए।
तेरी आवाज़ में मीठा सा इक राग है,
जिसमें मेरा हर सपना आबाद है।

मैं चाँद नहीं, तेरा आसमान बन जाऊँ,
तेरे हर दर्द का मुस्कान बन जाऊँ।
तेरे संग उम्र की राहें कटती रहें,
प्यार की बारिश यूँ ही बरसती रहे।

न कोई वादा बड़ा, न कोई शोर रहे,
बस तेरा मेरा प्रेम हर ओर रहे।
अगर इश्क़ का कोई मंदिर होगा कहीं,
उसकी हर दुआ में बस तुम ही तुम रहोगी यहीं।

*कुंदन राज दत्ता “निश्छल”*

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कुंदन राज दत्ता "निश्छल"

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