तेरा रूठना

तेरा रूठना

तेरा रूठना हमे अच्छा नहीं लगता,

तेरी बातों से मेरा दिन है बनता,

जब तू गुस्सा हो कर होती है नाराज,

कसम से मेरा दिल है रोता,

तेरी बातों से मुझे ताजगी है मिलती,

ज़िंदगी में एक नई रौशनी है निकलती,

तेरी लबों से निकले हर अल्फाज,

दिल पर मेरे करते है राज,

चाँद सा सुंदर चेहरा है तेरा,

इसी पर दिल आया है मेरा,

प्यार से जब देखती हो मुझे,

अपनी किस्मत पर नाज होता है मुझे,

उफ्फ ये तेरी काली आँखे,

कमाल करती है,

हंस के जब भी तू मुझे देखती है,

दिल में मेरे धमाल करती है,

हो हाथो में मेहंदी मेरे नाम की,

माँग सजे सिंदूरी मेरे नाम की,

बस इतनी सी ही ख्वाइश है,

तेरे इस प्यारे से दीवाने की,

तेरा रूठना हमे अच्छा नहीं लगता,

तेरी बातों से मेरा दिन है बनता,

जब तू गुस्सा हो कर होती है नाराज,

कसम से मेरा दिल है रोता।

कुंदन राज “निश्छल”

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