तेरी नथिया में अटका मेरा दिल

*तेरी नथिया में अटका मेरा दिल*

तेरी आँखों में जैसे कोई ख्वाब उतर आया,

तुझे देखा तो दिल ने बस तेरा नाम गुनगुनाया।

तेरी मुस्कान में छुपी है मोहब्बत की रवानी,

तू लगे जैसे मेरी अधूरी सी कोई कहानी।

तेरे बालों की घटा जब चेहरे पर लहराती है,

मेरी धड़कन जाने क्यों बेखुद सी हो जाती है।

तेरे माथे की बिंदी जब प्यार से मुस्काती है,

मेरी हर धड़कन बस तुझसे मिलने को जाती है।

मगर सबसे ज्यादा दिल को जो भाता है,

वो तेरी नाक की नथिया है, जो दिल चुरा ले जाती है।

उस नथिया की चमक में कुछ ऐसी बात है,

जैसे चाँदनी में भीगी कोई हसीन रात है।

जब नथिया तेरे गालों को हल्के से छूती है,

मेरी चाहत चुपके से और भी गहरी होती है।

उस छोटी सी नथिया में जाने कैसा जादू है,

उसे देखते ही दिल कहता है—तू ही मेरी आरज़ू है।

तेरे होंठों की लाली जब मुस्कुराती है,

मेरी बेचैन धड़कनों को सुकून दे जाती है।

तेरी सादगी में जो खूबसूरती नजर आती है,

वो किसी श्रृंगार से कहीं ज्यादा दिल को भाती है।

तेरी चूड़ियों की खनक जब कानों तक आती है,

मन की सूनी गलियों में बहार सी छा जाती है।

तेरी साड़ी का आँचल जब हवा में लहराता है,

मेरा दिल फिर तेरा होकर रह जाता है।

पीले फूलों के बीच तू और भी निखर गई,

जैसे सावन की पहली बारिश में धरती सँवर गई।

तेरे चेहरे की मासूमियत दिल में उतरती जाती है,

और तेरी नथिया हर बार नजरें रोक ले जाती है।

काश मैं उस पल को हमेशा के लिए थाम लूँ,

तेरी इस तस्वीर को अपनी धड़कनों में नाम दूँ।

तेरी एक मुस्कान के बदले दुनिया छोड़ दूँ,

तेरी नथिया को निहारते-निहारते खुद को भूला दूँ।

तू सामने रहे तो वक्त ठहर जाए,

तेरी आँखों में मेरा हर सपना उतर जाए।

तेरी नथिया की चमक यूँ ही दिल को सताती रहे,

और मेरी मोहब्बत हर रोज तुझमें बढ़ती जाए।

तू खूबसूरत है, ये कहना भी कम लगता है,

तुझे देखकर हर लफ्ज़ अधूरा सा लगता है।

मेरे इश्क़ की बस इतनी सी कहानी है,

तू मेरी धड़कन है और तेरी नथिया मेरी निशानी है।

*कुंदन राज दत्ता “निश्छल”*

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