हनुमान जन्मोत्सव- Sunitha Viswanaathan Poetry only on Muktika Publication

हनुमान जन्मोत्सवहनुमान, शक्ति के सागर, भक्ति के सच्चे सिपाही,जिनकी भक्ति की गूंज, जैसे गूंजे गगन में गूढ़ राही।राम के चरणों में बसी, उनकी अनन्य निष्ठा,जन्मोत्सव मनाते हम, करते हैं उनकी आराधना।जन्मोत्सव का यह पर्व, जैसे बहारों की पहली किरण,संग लाता है सबको, जैसे चाँद लाए रात की चादर।भक्ति की महक से महके, हर गली, हर … Read more