Abhi is lekh ko 84 log padh rahe hain

ख़ुद को आवाज़ लगाकर देखें

ख़ुद को आवाज़ लगाकर देखें दिनांक -१२/१०/२०२६ ख़ुद को आवाज़ लगाकर देखें । फिर से , ख़ुद को पाकर देखें । खोई हैं , जितनी मुस्कानें । जीवन में ,फिर लाकर देखें । गीत अधर से , छूट‌ गए जो । उनको , गुनगुना कर देखें । अंतस में ,छाया जो अंधेरा । आओ उसे, … Read more