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एक चिठ्ठी जो कभी भेजी नहीं गई

एक चिठ्ठी जो कभी भेजी नहीं गई

एक चिठ्ठी जो कभी भेजी नहीं गई बारिश की बूँदें खिड़की के शीशे पर दस्तक दे रही थीं। कमरे में हल्का-सा अँधेरा था और मेज़ पर रखे पुराने संदूक से निकली चीज़ों में एक पीला पड़ चुका लिफ़ाफ़ा सबसे अलग दिखाई दे रहा था। उस लिफ़ाफ़े पर कोई पता नहीं था। बस ऊपर काँपते हाथों … Read more