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तुम्हारी सादगी पर दिल हार बैठा

तुम्हारी सादगी पर दिल हार बैठा तुम्हें देखा तो कुछ कह न सका, बस चुपचाप तुम्हें निहारता रहा, तुम्हारी वो हल्की-सी मुस्कान, मेरे भीतर जाने क्या उतारती रही। चेहरे पर कोई बनावटीपन नहीं, फिर भी इतनी खूबसूरती कहाँ से लाती हो, सादगी से यूँ दिल जीत लेती हो, और कहती हो, मैं कहाँ खास हूँ। … Read more