तुम छोड़ देना उस ससुराल को
जब घुटन हद से बढ़ जाए।
साँस भी मुश्किल हो जाए।
मेरी बहन
तुम छोड़ देना उस ससुराल को
जो परिवार तुम्हे न अपना पाए।
जब मुस्कान तेरी छिन जाए।
आँखों से काजल बह जाए।
मेरी बहन
तुम छोड़ देना उस ससुराल को
जो परिवार तुम्हें न अपना पाए।
जब सूकून हृदय का छिन जाए।
दर्द दिल का बढ़ जाए।
मेरी बहन
तुम छोड़ देना उस ससुराल को
जो परिवार तुम्हें न अपना पाए।
जब चुनर सर से फट जाए।
तेरा आँचल गीला हो जाए।
मेरी बहन
तुम छोड़ देना उस ससुराल को
जो परिवार तुम्हें न अपना पाए।
जब हाथ से पल्लू गिर जाए।
पाँव की पायल खो जाए।
मेरी बहन
तुम छोड़ देना उस ससुराल को
जो परिवार तुम्हें न अपना पाए।
जब स्वाभिमान तेरा छिन जाए।
खामोश लब तेरे हो जाए।
मेरी बहन
तुम छोड़ देना उस ससुराल को
जो परिवार तुम्हें न अपना पाए।
जब जीवन भँवर में फँस जाए।
एहसास मरण सा हो जाए।
मेरी बहन
तुम छोड़ देना उस ससुराल को
जो परिवार तुम्हें न अपना पाए।
जब घुटन हद से बढ़ जाए।
साँस भी मुश्किल हो जाए।
मेरी बहन
तुम छोड़ देना उस ससुराल को
जो परिवार तुम्हे न अपना पाए।
मेरी बहन………
अनिता शेखावत राजस्थानी
Whatsapp Number : usp_whatsapp : 8875747023
Support Writer
Agar Anita Shekhawat Rajasthani ki is rachna ne aapke hriday ko chhua ho, toh unki kalam aur sahityik prayas ko aage badhane hetu ek chhota sa sneha-sammaan bhent karein:


