गुरु पूर्णिमा – सबसे बड़ा उपहार
गाँव के छोटे-से विद्यालय में पढ़ने वाला आरव एक होनहार, लेकिन बेहद गरीब छात्र था। उसके पिता खेतों में मजदूरी करते थे
गाँव के छोटे-से विद्यालय में पढ़ने वाला आरव एक होनहार, लेकिन बेहद गरीब छात्र था। उसके पिता खेतों में मजदूरी करते थे