ज़िंदगी ढूंढ़ लेगी
ज़िंदगी ढूंढ़ लेगी । सुखों का द्वार । खुशी की वज़ह । सुकून की जगह । खोया हुआ प्यार । छूटा हुआ साथ । मुस्कानों का हार । बेफ़िक्र दिन रात । अपनों का साथ । हां, ज़िन्दगी ढूंढ लेगी । प्रगति दत्त मेरी कहानी/कविता / लेख कैसा लगा आपको आपको पढ़कर लाइक और कमेंट … Read more