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मुकद्दर

मुकद्दर मुकद्दर हम बनाते हैं । जब कुछ करके दिखाते हैं । मन में विश्वास जगाते हैं । दुखों को भूल जाते हैं । सुखों को ढूंढ़ लाते हैं । असंभव काम को भी हम, जब संभव कर दिखाते हैं । आ जाएं , कितनी भी बाधा भले ही । हम आगे बढ़ते जाते हैं … Read more