मेरा परिवार

#मेरा परिवार देखा था मैंने एक सपना , एक छोटा सा घर हो अपना । हो एक आंगन खुला हुआ , खेलें नन्ही मुन्नी बाल गोपाल। आंगन में हो छोटी तुलसी , द्वार खड़ा बरगद विशाल । चंपा , चमेली , रात की रानी , आंगन में झरें रोज़ हरश्रृंगार । गूंजे बच्चों की किलकारी … Read more

मेरा परिवार

#मेरा परिवार मंदिर जैसा घर है अपना जहां रहते हैं मेरे परमेश्वर मेरे भगवान , मेरे बाल गोपाल मेरी लक्ष्मी और मेरी सरस्वती बसता है यहां खुशियों का ज़हान होती है नित अमृत की वर्षा बरसता है यहां प्रेम , प्यार रहती है सबकी फिक्र व परवाह रखता है हर कोई दूसरे का ख्याल सभी … Read more