खामोश जवाब रह गया
खामोश जवाब रह गया आंसुओं ने पूछ ही लिया, क्या मिला तुझे चुनकर, जिसे बचाने में उम्र गुज़री, वही अरमान रह गया,, रूह ने चाहा था कि सबके दर्द अपने नाम कर लूं, पर बचाते-बचाते ख़ुद का ही वजूद बेज़ुबान रह गया,, कुछ फैसले होते हैं, जो लफ्ज़ों में ढलते नहीं, दिल तो ज़िंदा रह … Read more