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खामोशियां

खामोशियां खामोशियों में भी एक आवाज़ आती रही, मेरी रूह तुझसे मिलने की दुआ मांगती रही,, वो अधूरी मुलाकात, वो नज़र का ठहर जाना, कुछ लफ्ज होंठों तक आए, और फिर दिल में उतर जाना,, आंसू मेरी आंखों से बेवजह बहते नहीं, कुछ दर्द ऐसे हैं जो किसी से हम कहते नहीं,, तुझसे कोई शिकायत … Read more