वो अधूरी मुलाक़ात और खामोशियाँ
वो अधूरी मुलाक़ात और खामोशियाँ शहरों की भीड़ में कुछ लोग ऐसे मिलते हैं, जिनसे मिलने के लिए हम कभी निकले ही नहीं होते। न कोई तय जगह होती है, न कोई तय समय। बस अचानक किसी स्क्रीन पर एक नाम दिखाई देता है, कुछ शब्द पढ़ने को मिलते हैं और फिर पता ही … Read more