आया गणपति बप्पा आया
मंदिर घर द्वार सारे सजाया।
लाभ व शुभ नाचता आया,
रिद्धि सिद्धि ने सांगे लाया ।
*थोड़ा अब हास्य*
—————————–
गणपति बप्पा मोरिया,
थारा राज में काई काई हो रिया।
म्हे तो खूब पटाई छोरियां
पण एक से लग्न ना हो रिया।
देखो भाव खा री छोरियां
थारा दो दो संग मौज हो रिया।
खूब लाडू मोदक जीण लिया,
अबे थे कदे पलक खोल रिया।
थे अर्जी म्हारी सुन लो मोरिया,
मै कुंवारा 30 से 35 का डोल रिया।
अबे म्हारा फेरा फिरा दो मोरिया,
कुंवारा के घर लक्ष्मी ला दो मोरिया।
जोड़ा स्युं घर थाने लाऊ मोरिया,
चूरमा मोदक रो भोग लगाएं मोरिया।
————————————
शिवा सिंहल आबुरोड




