अंततः सत्य जीत जाएगा

अंततः सत्य की जीत होगी,

हार जाएगा असत्य रूपी दुर्योधन।

जब अर्जुन हुंकार भरेगा,

कितने भी हों उसके रक्षक,

विष भरे हों नाग और तक्षक, पर सत्य रूपी अमृत से, हर विष का प्रभाव मिट जाएगा।

धर्म की ज्योति जब प्रखर जलेगी, अंधकार स्वयं सिमट जाएगा।

छल, कपट और अहंकार का, हर किला एक दिन ढह जाएगा।

समय सदा न्याय का साथी है, कर्मों का लेखा झूठ नहीं।

जो अडिग रहे सत्य के पथ पर, उसका पथ कभी रूठ नहीं।

अंततः विजय उसी की होगी, जिसके साथ धर्म खड़ा होगा।

इतिहास फिर यह कह उठेगा

सत्य कभी पराजित नहीं होता।

ममता जायसवाल

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