Vidhi saini (Star Writer)
UP PET Exam 2026: परीक्षा से 1 महीने पहले YouTube के नए Courses और Marathon Classes के चक्कर में न पड़ें
जैसे-जैसे कोई प्रतियोगी परीक्षा नजदीक आती है, वैसे-वैसे YouTube पर पढ़ाई से जुड़े नए-नए Courses, Marathon Classes, Revision Series और ऑफर्स की संख्या भी बढ़ती दिखाई देने लगती है। खासकर परीक्षा से करीब एक महीने पहले आपको ऐसे बहुत से वीडियो और Courses दिखाई देने लगते हैं, जो यह बताते हैं कि इतने दिनों में तैयारी कैसे करें, क्या पढ़ें और कौन-सा Course आपके लिए सबसे बेहतर रहेगा।
यह देखकर एक ऐसा विद्यार्थी, जो पहले से ही परीक्षा को लेकर तनाव में है, आसानी से confuse हो सकता है।
लेकिन सवाल यह है कि क्या परीक्षा से एक महीने पहले लगातार नए Courses और Classes शुरू करना वाकई सही strategy है?
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मेरे हिसाब से नहीं।
और यह बात मैं केवल किसी किताब में पढ़कर नहीं कह रही हूं। इसका अनुभव मैंने खुद भी किया है।
परीक्षा से एक महीने पहले ही क्यों बढ़ जाते हैं Courses और Offers?
अगर आपने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की है तो आपने यह जरूर महसूस किया होगा कि परीक्षा से काफी पहले आपको उतने ज्यादा paid Courses और नए-नए revision offers दिखाई नहीं देते, जितने परीक्षा के करीब आते ही दिखाई देने लगते हैं।
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किसी जगह ₹49 का Course है, कहीं ₹99 का, कहीं कोई नया Crash Course है तो कहीं Marathon Classes।
बिजनेस की अपनी strategy होती है। जैसे त्योहारों के समय दुकानों पर offers आते हैं, वैसे ही Education Industry में परीक्षा का समय भी एक तरह का peak season होता है।
यह गलत नहीं है।
हर शिक्षक और हर platform का अपना काम है और उन्हें अपने Courses बेचने का पूरा अधिकार है।
लेकिन एक student के तौर पर हमें यह समझना होगा कि हर चीज हमारे लिए जरूरी नहीं है।
सबसे बड़ी परेशानी Course नहीं, हमारा distraction है
आज के समय में पढ़ाई और मोबाइल को पूरी तरह अलग कर पाना आसान नहीं है। लगभग हर विद्यार्थी पढ़ाई के लिए YouTube का इस्तेमाल करता है।
यही कारण है कि अगर हम Instagram या दूसरी Social Media Apps से दूरी भी बना लें, तब भी YouTube हमारे फोन में रहता है।
फिर होता यह है कि विद्यार्थी पढ़ते-पढ़ते किसी एक Topic को लेकर थोड़ा confused होता है या उसे लगता है कि उसकी तैयारी कम है।
वह तुरंत YouTube खोलता है।
मान लीजिए आपको किसी एक Topic का Revision करना है। आप YouTube पर उस Topic को Search करेंगे और सामने आपको एक नहीं, बल्कि दर्जनों या सैकड़ों Classes दिखाई देने लगेंगी।
कोई कह रहा है—
“यह वाला Revision कर लो।”
कोई कह रहा है—
“यह Marathon सबसे जरूरी है।”
कोई कह रहा है—
“हमारा Crash Course Join कर लो।”
और कोई ₹49 या ₹99 में अपना Course Offer कर रहा है।
अब विद्यार्थी सोचता है कि शायद उसकी तैयारी में कुछ कमी रह गई है।
वह एक नया Course खरीद लेता है।
फिर दूसरा Topic आता है और वह फिर YouTube Search करता है।
धीरे-धीरे उसकी पढ़ाई से ज्यादा समय यह तय करने में चला जाता है कि पढ़ना क्या है।
यही सबसे बड़ा Trap है।
UP PET जैसे Exam में Last Month में क्या करना चाहिए?
UP PET जैसी परीक्षा में अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले बहुत से विद्यार्थी शामिल होते हैं। इसलिए परीक्षा के आसपास YouTube पर इससे संबंधित Content भी काफी बढ़ जाता है।
अगर आपने पहले से तैयारी कर रखी है तो आखिरी समय में आपका लक्ष्य नई चीजें इकट्ठा करना नहीं, बल्कि जो पढ़ चुके हैं उसे मजबूत करना होना चाहिए।
अगर आपने कई महीनों से पढ़ाई की है तो आपके पास Books, Notes, Previous Year Questions और अपने बनाए हुए Revision Material जरूर होंगे।
उन्हीं पर भरोसा कीजिए।
यह बिल्कुल जरूरी नहीं है कि परीक्षा से एक महीने पहले आपको एक नया Course खरीदना ही पड़े।
मेरे अपने अनुभव से एक बात
मैं यह बात अपने अनुभव से कह रही हूं।
एक बार मैंने RRB Group D की तैयारी के दौरान एक दोस्त को एक Course लेने के लिए कहा था। उस समय परीक्षा में लगभग एक महीने का समय बचा था और नया Course Launch हुआ था।
लेकिन समस्या यह थी कि उसका डेढ़-दो साल का पूरा Syllabus भी अच्छी तरह पूरा नहीं हुआ था।
Course लेने के बाद उसने मुश्किल से एक-दो दिन Classes देखीं।
उसके बाद वह Course वैसे ही पड़ा रहा।
इससे मुझे एक बहुत जरूरी बात समझ आई—
सस्ता Course हमेशा उपयोगी Course नहीं होता।
₹49 या ₹99 बहुत बड़ी रकम नहीं लगती। लेकिन अगर वह Course आपकी तैयारी में इस्तेमाल ही नहीं होना है, तो वह पैसा और उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण आपका समय दोनों बेकार जा सकते हैं।
इसलिए केवल इसलिए Course मत खरीदिए क्योंकि वह सस्ता है।
₹49 या ₹99 के Notes देखकर भी सावधान रहें
परीक्षा से कुछ दिन पहले आपको ऐसे भी Offers दिखाई देंगे—
“इतने रुपये में Complete Notes।”
“इतने Pages पढ़ लो।”
“Last Minute Revision Notes।”
“इतने Questions कर लो।”
“इतने दिन में Exam निकालो।”
इनमें से कुछ Resources अच्छे भी हो सकते हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या आपको वास्तव में उनकी जरूरत है?
अगर आपके पास पहले से एक अच्छी किताब है, आपके अपने Notes हैं और आपने पहले से तैयारी की हुई है, तो केवल किसी नए Offer को देखकर अपना Material बदलने की जरूरत नहीं है।
मेरी एक सीधी-सी सलाह है—
दस किताबें पढ़ने से बेहतर है कि एक अच्छी किताब को दस बार पढ़ लिया जाए।
बार-बार Source बदलने से अक्सर Revision मजबूत होने के बजाय कमजोर हो जाता है।
आखिरी 15-20 दिनों में नया Syllabus शुरू करने की गलती न करें
अगर आपके पास परीक्षा के लिए केवल 15, 20 या 25 दिन बचे हैं, तो आपको यह देखना चाहिए कि आपके पास पहले से क्या तैयार है।
अगर आपने किसी Subject की तैयारी कर रखी है, तो उसे बार-बार Revise कीजिए।
अगर कोई Topic कमजोर है तो उसे सुधारिए।
Previous Year Questions लगाइए।
Mock Test दीजिए।
और सबसे जरूरी—Mock Test का Analysis कीजिए।
सिर्फ Mock देना काफी नहीं है।
गलत प्रश्न क्यों हुआ?
कहां समय ज्यादा लगा?
कौन-सा Topic बार-बार गलत हो रहा है?
इन चीजों का Analysis ही आपकी तैयारी को बेहतर बनाएगा।
10 घंटे की Marathon देखकर यह मत सोचिए कि तैयारी हो गई
परीक्षा के कुछ दिन पहले YouTube पर आपको 8 घंटे, 10 घंटे या 12 घंटे की Marathon Classes भी दिखाई देंगी।
अब यहां भी आपको अपनी स्थिति समझनी होगी।
अगर आपका Syllabus पहले से पूरा है और आप कई बार Revision कर चुके हैं, तो ऐसी Marathon आपके लिए Revision का एक माध्यम हो सकती है।
लेकिन अगर आपने अभी तक ठीक से पढ़ाई ही शुरू नहीं की है, तो केवल 10 घंटे की Marathon देखकर यह उम्मीद करना कि अब पूरा Syllabus तैयार हो जाएगा और आप परीक्षा में बहुत अच्छा Score कर लेंगे—यह realistic strategy नहीं है।
आपको Active Study करनी होगी।
किताब खोलिए।
Pen उठाइए।
Questions Solve कीजिए।
गलतियां Mark कीजिए।
Revision कीजिए।
अपने दिमाग को काम करने दीजिए।
सिर्फ घंटों तक किसी को पढ़ते हुए सुनना और खुद पढ़ना—दोनों एक चीज नहीं हैं।
PDF छोड़कर किताब और Printed Material से पढ़ना क्यों बेहतर लग सकता है?
अगर आपके पास किसी अच्छी किताब की सुविधा है तो आखिरी दिनों में बार-बार PDF बदलने के बजाय उसी Material को पकड़कर बैठना ज्यादा उपयोगी हो सकता है।
अगर किताब नहीं है और आपके पास PDF है, तो जरूरत के अनुसार उसका Printout भी निकलवा सकते हैं।
क्योंकि जब आप किताब हाथ में लेकर पढ़ते हैं, Important Points Highlight करते हैं, Questions पर निशान लगाते हैं और बार-बार उसी Material पर वापस आते हैं, तो आपका Revision एक जगह केंद्रित रहता है।
आपको हर दिन नया Source खोजने की जरूरत नहीं पड़ती।
YouTube पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है
यह भी कहना सही नहीं होगा कि YouTube खराब है या YouTube से पढ़ाई नहीं करनी चाहिए।
YouTube ने विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई को बहुत आसान बनाया है। बहुत अच्छे Teachers और बहुत उपयोगी Free Resources भी वहां उपलब्ध हैं।
समस्या YouTube नहीं है।
समस्या है बिना जरूरत बार-बार YouTube पर जाना।
अगर किसी Topic को समझने के लिए आपको एक वीडियो देखना है, बिल्कुल देखिए।
लेकिन वीडियो देखने के बाद फिर एक वीडियो, फिर दूसरा Teacher, फिर तीसरा Course और फिर कोई नई Strategy Video देखने लगना आपकी तैयारी को भटका सकता है।
आप चाहें तो YouTube के लिए अपना एक छोटा-सा समय तय कर सकते हैं।
जरूरी चीज देखिए और वापस अपनी किताब पर आ जाइए।
परीक्षा से पहले “15 दिन में तैयारी”, “3 दिन में Exam Crack” जैसी Videos से बचें
परीक्षा के आखिरी दिनों में आपको ऐसी Videos भी देखने को मिल सकती हैं जिनके Titles होंगे—
“15 दिन में पूरी तैयारी कैसे करें?”
“10 दिन में पूरा Syllabus कैसे करें?”
“Exam से 3 दिन पहले क्या पढ़ें?”
और कभी-कभी तो ऐसी बातें भी देखने को मिल जाती हैं कि केवल दो-तीन दिन की तैयारी से भी परीक्षा निकाली जा सकती है।
ऐसी Videos देखकर घबराने की जरूरत नहीं है।
हर विद्यार्थी की तैयारी अलग होती है।
किसी की तैयारी 80 प्रतिशत है, किसी की 50 प्रतिशत और किसी ने अभी शुरुआत की है। इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति की Strategy को देखकर अपनी पूरी तैयारी बदल देना सही नहीं है।
आपको अपनी स्थिति के हिसाब से फैसला करना है।
अभी भी समय है, लेकिन अब Strategy बदलने का नहीं, उसे मजबूत करने का समय है
अगर परीक्षा में अभी 15, 20 या 25 दिन बाकी हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है।
अभी भी काफी कुछ किया जा सकता है।
लेकिन अब हर दिन नया Material ढूंढने के बजाय अपने पास मौजूद Material को मजबूत कीजिए।
एक अच्छी Book चुनिए।
अपने Notes देखिए।
Previous Year Questions लगाइए।
Mock Tests दीजिए।
उनका Analysis कीजिए।
और जो पढ़ चुके हैं उसे बार-बार Revise कीजिए।
अभी आपको Resources नहीं, Revision चाहिए।
आखिरी बात—अपने ऊपर भरोसा रखिए
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में सबसे ज्यादा नुकसान कई बार Syllabus की कमी से नहीं, बल्कि Confidence की कमी से होता है।
आपने पिछले कई महीनों से जो पढ़ा है, उस पर भरोसा रखिए।
हर नया Course देखकर यह मत सोचिए कि दूसरे बच्चे आपसे आगे निकल गए हैं।
हर नया Teacher देखकर अपनी Strategy मत बदलिए।
हर नई “Exam Strategy” Video देखकर अपनी पूरी तैयारी मत बदल दीजिए।
आपको हर चीज नहीं पढ़नी है।
आपको सही चीज बार-बार पढ़नी है।
इसलिए परीक्षा से पहले अपने फोन को थोड़ा दूर रखिए, Social Media और बेवजह की YouTube Browsing कम कीजिए और अपनी किताबों पर वापस जाइए।
क्योंकि परीक्षा के दिन आपके सामने कोई YouTube Teacher, कोई Marathon और कोई नया Course नहीं होगा।
आप होंगे, आपकी तैयारी होगी और आपके सामने Questions होंगे।
इसलिए आज से अपनी तैयारी ऐसी रखिए कि परीक्षा वाले दिन आपको किसी नए Resource की जरूरत ही महसूस न हो।
और हां, YouTube इस्तेमाल कीजिए—लेकिन अपने फायदे के लिए, अपनी तैयारी के खिलाफ नहीं।
अगर यह बात आपको अपनी तैयारी से जुड़ी लगी है, तो इसे किसी ऐसे Student तक जरूर पहुंचाइए जो परीक्षा से कुछ दिन पहले हर नए Course और हर नई Strategy देखकर Confuse हो जाता है।
कभी-कभी परीक्षा से पहले हमें ज्यादा पढ़ने की नहीं, कम चीजों को बार-बार और सही तरीके से पढ़ने की जरूरत होती है।
Vidhi Saini
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Agar Vidhi saini ki is rachna ne aapke hriday ko chhua ho, toh unki kalam aur sahityik prayas ko aage badhane hetu ek chhota sa sneha-sammaan bhent karein:









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