वो कत्थई आँखों वाली

वो कत्थई आँखों वाली वो कत्थई आँखों वाली, आज फिर याद आ गई। शाम ने जब चुपके से आँचल फैलाया, तेरी हँसी हवा में महक बन छा गई। चाँद खिड़की पर ठहरा रहा, मेरी तन्हाई तुझे पुकारती रही। हर धड़कन ने तेरा नाम लिखा, हर साँस तेरी राह निहारती रही। तेरी आँखों का कत्थई समंदर, … Read more