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शायर का ख्याल

शायर का ख्याल लगती हो तुम किसी गहरे शायर का हसीन ख्याल, जैसे कोरे कागज़ पर उतरा हो कोई अनकहा सवाल। तुम्हारी आँखों में सिमटी है सदियों की कोई दास्ताँ, जैसे थमी हो पलकों पर बहती हुई एक नज़्म जवां। तुम वो लफ़्ज़ हो जिसे ढूँढता है कोई मुसाफ़िर राही, तुम वो हकीकत हो जिसे … Read more