मन की शक्ति

आज का विषय मन की शक्ति

दिनाँक 19-8-26

बुधवार

मन की शक्ति

हर इंसान के अंदर दो शक्तियाँ होती है एक तन की शक्ति और एक मन की शक्ति। तन यानी शरीर की शक्ति को तो सब जानते ही है। पर मन की शक्ति को बहुत कम जानते हैं।

हम में से कितने लोग हैं जो ये जानते हैं कि हमारी शरीरिक शक्ति के अलावा एक आंतरिक शक्ति भी होती है। जो शरीर में कितने भी घाव लग जाएं वे हमें कमजोर नहीं पड़ने देती है।

कई बार हमने देखा है कि शरीर से हृष्ट पुष्ट इंसान भी जल्दी हार मान लेता है और थक कर बैठ जाता है और वहीं एक शरीर से कमजोर इंसान अपना लक्ष पूरा कर लेता है। कैसे !! सिर्फ अपनी मन की शक्ति के बदौलत। यही मन की शक्ति हमें कठिन से कठिन कार्य करने की प्रेरणा देती है।

आप लोगों ने दशरथ माझी के बारे में तो सुना ही होगा जिन्हें माउंटेन मैन के नाम से भी जाना जाता है। जो एक पहाड़ को काट कर सड़क बना देते हैं। वे शरीरिक रूप से इतने हृष्ट पुष्ट नहीं थे फिर भी उन्होंने अपने मन में ठान लिया था कि वे इस पहाड़ को काट कर सड़क बनाएंगे क्योंकि गाँव में सड़क नहीं थी। गाँव वालों को बहुत लम्बा रास्ता तय करना पड़ता था कहीं जाने के लिए।

तब उन्हें उनकी मन की शक्ति से प्रेरणा मिली और उन्होंने बखूबी अपने कार्य को अंजाम दे दिया। यही होती है मन की शक्ति।

मन की शक्ति कभी हार नहीं मानती है वह हमें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रहती है। जिस दिन मन की शक्ति टूट जाती है उसी दिन इंसान भी टूट जाता है। अपने मन की शक्ति से इंसान अपने तन और मन दोनों पर विजय पा सकता है। हम अपने शरीर की शक्ति से किसी पर विजय नहीं पा सकते हैं पर मन की शक्ति से पा सकते हैं।

मन की शक्ति इंसान को विश्व विजयी बना सकती है। सब के दिलों में राज करा सकती है। इंसान को अपने मन की शक्ति को पहचानना चाहिए और उसी के अनुसार कार्य करना चाहिए। धन्यवाद 🙏

भावना भट्ट

प्रस्तुति नंबर – 27 (सत्ताईस)

19-8-26

बुधवार

स्वरचित और मौलिक रचना

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