मन की शक्ति से

कविता- मन की शक्ति

मन की शक्ति से सब सम्भव होता है,

जो मन में than लेता है वो राह बना लेता है,

वह अंधेरे में भी उजाला खोज लेता है I

मन मे संकल्प है तो पर्वतों को भी हिला देता है I

सोच की गहराई में छिपा होता है ख़ज़ाना,

जो उसे खोद लेता वहीं रत्न पाता है I

नकारात्मकता को मन से दूर भगा दें,

सकारात्मक मन ही चमत्कार दिखाता है I

शरीर थक जाता है तब भी मन नहीं थकता,

मन ही आगे बढ़ने का हौसला देता है,

जो मन को साध लेता है, वह जग को साध लेता है,

जब मन में विस्वास जग जाता है

तो मुश्किलें आसान हो जाती है,

हार मानने वाले हार जाते हैं,

मन से जीतने वाले जीत जाते हैं l

सुनीता पुष्कर

Leave a Comment