Kshama Urmila (Star Writer)
Gazal
धर्मग्रंथों का सभी हम सार माँगेंगे,
बहुत झगड़े हो लिए, अब प्यार माँगेंगे।
देश का हर नागरिक महफ़ूज़ हो दुनिया,
हम ख़ुदा से ये दुआ हर बार माँगेंगे।
सृष्टि सारी अमन के अब राग में झूमे,
आपदाओं से विमुख संसार माँगेंगे।
क्रांतियों का जन्म भी तो सोच से होता,
जुड़ सके सबकी ख़ुशी, विचार माँगेंगे।
जीत के बदले पड़े इंसानियत खोना,
अगर बेहतर हारना हो, हार माँगेंगे।
मुमकिन अगर ना सके हो आसमाँ होना,
घास बनकर एक हरा ही निखार माँगेंगे।
मीठे पानी से बहे और हुए बस जाया,
आज साहिल से ज़रा-सी ख़ार माँगेंगे।
— क्षमा उर्मिला
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