तुम हमसफ़र क्या हुए

तुम हमसफ़र क्या हुए राहों में क्या मिले, हमसफ़र हो गए, दिल के सूने मकाँ फिर से घर हो गए। नैन से नैन क्या एक पल को मिले, अनकहे सिलसिले हमसफ़र हो गए। तुम हमसफ़र क्या हुए, हम बेमिसाल हो गए, सूने-सूने दिलों के नए त्योहार हो गए। बिन कहे जो तुमने पढ़ ली दिल … Read more

मौन की दहलीज़

मौन की दहलीज़ मन की सूनी चौखट पर अब, आकर दीप जलाओ ना, बुझते रिश्तों की साँसों में, फिर से प्राण बसाओ ना। मैंने अपने हर सपने को, तुम्हारे नाम सजाया ना, तुम अपने मौन से लेकिन, मुझको बहुत रुलाओ ना। इतनी बात कहाँ से लाऊँ, तुम भी तो कुछ बोलो ना। मन के बंद … Read more