तुम हमसफ़र क्या हुए

तुम हमसफ़र क्या हुए राहों में क्या मिले, हमसफ़र हो गए, दिल के सूने मकाँ फिर से घर हो गए। नैन से नैन क्या एक पल को मिले, अनकहे सिलसिले हमसफ़र हो गए। तुम हमसफ़र क्या हुए, हम बेमिसाल हो गए, सूने-सूने दिलों के नए त्योहार हो गए। बिन कहे जो तुमने पढ़ ली दिल … Read more

मौन की दहलीज़

मौन की दहलीज़ मन की सूनी चौखट पर अब, आकर दीप जलाओ ना, बुझते रिश्तों की साँसों में, फिर से प्राण बसाओ ना। मैंने अपने हर सपने को, तुम्हारे नाम सजाया ना, तुम अपने मौन से लेकिन, मुझको बहुत रुलाओ ना। इतनी बात कहाँ से लाऊँ, तुम भी तो कुछ बोलो ना। मन के बंद … Read more

“जीवन की माया”

जीवन की माया जीवन की माया भी देखो, कैसी अजब कहानी है, आज खुशी का मेला है,तो कल आँखों में पानी है। कल तक जो अपने लगते थे, आज वही बेगाने हैं, वक्त बदलते ही रिश्तों के, कितने बदले मायने हैं। मुट्ठी में भरने निकले थे, रेत समय की फिसल गई, मन ने जितना रोकना … Read more

जब स्त्री सवाल करने लगती है…

जब स्त्री सवाल करने लगती है

जब स्त्री सवाल करने लगती है… कभी आपने गौर किया है? एक स्त्री जब तक सब कुछ चुपचाप सहती रहती है, उसे समझदार कहा जाता है। जब तक वह अपनी इच्छाएँ पीछे रखती है, उसे संस्कारी कहा जाता है। जब तक वह हर बात पर “ठीक है” कहती है, वह अच्छी स्त्री होती है। लेकिन … Read more