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मैं अपनी कहानी खुद हूँ

मैं अपनी कहानी खुद हूँ मैं खुद अपनी ज़िंदगी की कहानी हूँ, किरदार भी मैं, और अपनी ही ज़ुबानी हूँ। कभी गिरकर भी संभलना सीखा है मैंने, हर मोड़ पर खुद को ही थामना सीखा है मैंने। किसी और की कलम की मोहताज़ नहीं, मैं अपने फैसलों की निगहबान रही हूँ, जो भी लिखा है … Read more