तुम्हें देखकर फिर से इश्क़ हुआ
तुम्हें देखकर फिर से इश्क़ हुआ तुम्हें देखा तो लगा, जैसे शाम ठहर गई, तुम्हारी एक मुस्कान पर मेरी नज़र ठहर गई। इन आँखों में न जाने कैसी कशिश बसी है, देखूँ तो लगता है, सारी दुनिया यहीं बसी है। तुम्हारी आँखों की गहराई में उतरना चाहता हूँ, हर रोज़ थोड़ा-सा और तुम्हारा होना चाहता … Read more