डिप्रेशन से बचाव, जिसे हम अवसाद भी कहते हैं I यह केवल क्षणिक उदासी या मानसिक दुर्बलता नहीं है, यह एक गंभीर मानसिक विकार है,जो व्यक्ति के विचारों, भावनाओं, नींद, भूख और दैनिक क्रियाकलापों को गहराई से प्रभावित करता है I वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह मस्तिष्क में neurotransmitters- विशेषकर serotonin, dopamine और naurepinephiren- के असंतुलन से उत्पन्न होता हैl
हालाँकि इसे पूर्णता टालl नहीं जा सकता, क्योंकि genetics भी इसमें भूमिका निभाते हैं, फिर भी हम अपनी ‘ मानसिक रोग प्रतिरोधक क्षमता ‘ को इतना मजबूत कर सकते हैं कि तनावपूर्ण परिस्थितियां हमें इस अंधकारमय seethti में न ले जाएं I
बचाव-
हम डिप्रेशन को percent तो ठीक नहीं कर सकते, क्योंकि इसमें genetics और brains के neurotransmitters का असंतुलन बड़ा होता है l
हमारा दिमाग एक केमिकल फैक्ट्री है, अधिक तनाव और नकारात्मक सोच अवसाद को बढ़ाते हैं I
यहाँ कुछ उपाय हैं जो हमें इस खतरे से बचा सकते हैं I
शरीर को पहले अच्छी नींद धूप, और व्यायाम से ठीक करें l
अपने विचारों को सकरात्मक करें, अपने लिए अच्छा अच्छा सोचें I
डिप्रेशन अकेलेपन को पसंद कर्ता है I हमें अपनी विचारों और परेशानियों को अपने नजदीकी दोस्तों के साथ बातें करनी चाहिए I
किसी जरूरतमंद की मदद करेंगे to आपको मानसिक शांति मिलेगी l
अपने को perfect बनाने में नहीं सक्षम बनाने में आगे बढ़ें l अपनी तुलना करने से बचें l
डिप्रेशन से बचने का फार्मूला कोई जादू नहीं है- यह है ” छोटी- छोटी अच्छी आदतों का समुच्चय ” l
अपनी नींद, खानपान, और रिश्तों को सम्भाल लें, तो बड़े से बड़ा तूफान भी आपको हिला नहीं सकता I
” आपकी मानसिक सेहत आपकी प्राथमिकता है, सुविधा नहीं l इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए I
Sunita pushkar






