सपनों की कीमत: एक लड़की का संघर्ष, आत्मनिर्भरता और अपने पैरों पर खड़े होने की जिद

आर्थिक कठिनाइयों और लगातार संघर्षों के बावजूद मैंने अपने सपनों से पीछे हटना नहीं सीखा। संसाधन कम हैं, लेकिन हौसला मजबूत है। मेरा सपना सिर्फ नौकरी पाना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनना, अपने फैसले खुद लेना और अपनी मेहनत की कीमत पाना है।

खानदानी घर की बहु- Dr. Rishika Verma family story on Muktika Publication

डॉ. ऋषिका वर्मागढ़वाल उत्तराखंडविषय खानदानी घर की बहुबनारस शहर में एक परिवार था छोटा सा। जिसमें 2 भाई 1 बहन और माता पिता रहते थे। सबसे बड़ी बहन थी, इसलिए उसकी सबसे पहले शादी हो गई। छोटे भाई ने लव मरीज कर ली। अब बचा, बीच का बेटा। उसके ऊपर सबकी निगाहें टिकी थी। वो … Read more