वाणी की कहानी: कॉलेज का पहला दिन और एक दर्दनाक अनसुलझा राज

वाणी की कहानी: कॉलेज का पहला दिन और एक दर्दनाक अनसुलझा राज

वाणी की कहानी पढ़ें जहाँ कॉलेज के पहले दिन की खट्टी-मीठी यादों के पीछे छुपा है एक गहरा डर और अतीत का अनसुलझा ट्रॉमा।

मनुष्य का घुसपैठ पढ़े Muktika Publication पर

मनुष्य का घुसपैठ मनुष्य का खान-पान एवं पहनावा उसके परिवेश, प्राकृतिक व्यवस्था एवं जलवायु परिवर्तन पर आधारित है। अतः धर्म, जाति, लिंग जैसे मानव द्वारा निर्मित सामाजिक विभाजनों से ना तो मनुष्य के खान-पान का कुछ लेना-देना है और ना ही मनुष्य के पहनावे का।क्या मनुष्य का पूर्ण रूप से शाकाहारी बन जाना तर्क संगत … Read more

नारी सशक्तिकरण का तात्पर्य है क्या? पढ़े Muktika Publication पर

नारी सशक्तिकरण का तात्पर्य है क्या? नारी सशक्तिकरण का तात्पर्य मात्र प्रसव पीड़ा सहन शक्ति भर तक है?या मात्र देवी स्वरूप भर है? नारी सशक्तिकरण जैसे सशक्त विषय पर जब मेरी वार्तालाप एक वरिष्ठ, पुरस्कृत एवं शिक्षित महिला से हुई तब मेरी पहचान समाज की उन बुद्धिजीवी महिलाओं से हुई जिनकी सोच अशिक्षित महिलाओं के … Read more

सपने: भविष्य की उड़ान पढ़े Muktika Publication

सपने: भविष्य की उड़ान सपने वह अदृश्य पुल होते हैं जो हमारे वर्तमान और भविष्य के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बनाते हैं। वे हमारे विचारों, इच्छाओं और उम्मीदों का प्रतिबिंब होते हैं। सपने देखना मानव स्वभाव का एक अनिवार्य हिस्सा है, और यह हमारे जीवन को दिशा देने का सबसे शक्तिशाली साधन भी है। चाहे … Read more