खानदानी परिवार की बहू- Surabhi Srivastava family story on Muktika Publication

खानदानी परिवार की बहूराजस्थान के जयपुर में स्थित “राजावत हवेली” अपनी शान-ओ-शौकत और पारंपरिक रीति-रिवाजों के लिए मशहूर थी। इस हवेली के मालिक ठाकुर रणवीर सिंह राजावत एक सख्त मिजाज इंसान थे, जो खानदानी रिवाजों को दिल से मानते थे। उनके परिवार की हर बहू ने इन परंपराओं का पालन किया था, और इस बार … Read more

खानदानी परिवार की बहु- Purnima Rai family story on Muktika Publication

शीर्षक – खानदानी परिवार की बहु मै रुमा एक बड़े घर की बहु हूँ मेरे पिता चाहते थे मेरी शादी एक अमीर से हो क्योंकि बड़े घर मे हम ख़ुश रहेंगे पैसा है गाड़ी है बेटी को औऱ क्या चाहिए लपर वो भूल गए पैसा बड़ा घर होने से खुशियाँ नहीं मिलती औऱ भी चीजे … Read more

खानदानी परिवार की बहू- Shalini Family Story on Muktika Publication

खानदानी परिवार की बहू विक्रम और मीनू की मुलाकात एक दोस्त की शादी के फंक्शन में हुई थी। पहली ही मुलाकात में विक्रम मीनू को पसंद करने लगा था। विक्रम एक सेल्स एग्जीक्यूटिव था और मीनू एक स्कूल में बच्चों को डांस सिखाती थी। विक्रम किसी न किसी बहाने स्कूल में जाकर मीनू से मिला … Read more

मैं चिड़िया हूं Social Work Organised by Muktika Publication Season 4

मैं चिड़िया हूं Organised by Muktika Publication Season 4 पिछले 3 वर्षों से मैं चिड़िया हूं दाना पानी अभियान चल रहा जिसमें देश भर से बहुत प्यार मिला इस वर्ष भी चिड़िया रानी के लिए एक छोटा सा प्रयास जिसमें बच्चे बूढ़े जवान सभी आगे आए और इस नेक कार्य को आगे बढ़ाए मिलकर। लगातार 3 … Read more

26/11 और तुकाराम ओंबले की शहादत पढ़े Muktika Publication पर

26/11 मुंबई हमला भारत के इतिहास के सबसे काले दिनों में से एक है, जो सबके दिलों में गहराई से अंकित है। 26 नवंबर 2008 को समन्वित आतंकवादी हमलों की एक श्रृंखला ने मुंबई के प्रतिष्ठित स्थलों ताज महल पैलेस होटल, ओबेरॉय ट्राइडेंट, सीएसटी रेलवे स्टेशन और नरीमन हाउस की निशाना बनाया। इस त्रासदी ने … Read more

हिन्दी के प्रति युवा पीढ़ी की अरुचि: समस्या और समाधान पढ़े Muktika Publication पर

हिन्दी के प्रति युवा पीढ़ी की अरुचि: समस्या और समाधान आज के समय में हिन्दी, जो हमारी मातृभाषा और सांस्कृतिक धरोहर है, धीरे-धीरे युवा पीढ़ी की प्राथमिकताओं से हटती जा रही है। इसके पीछे कई कारण हैं, जो न केवल समाज की बदलती धाराओं को दर्शाते हैं, बल्कि हमारी शिक्षा प्रणाली और सांस्कृतिक मूल्यों के … Read more

मनुष्य का घुसपैठ पढ़े Muktika Publication पर

मनुष्य का घुसपैठ मनुष्य का खान-पान एवं पहनावा उसके परिवेश, प्राकृतिक व्यवस्था एवं जलवायु परिवर्तन पर आधारित है। अतः धर्म, जाति, लिंग जैसे मानव द्वारा निर्मित सामाजिक विभाजनों से ना तो मनुष्य के खान-पान का कुछ लेना-देना है और ना ही मनुष्य के पहनावे का।क्या मनुष्य का पूर्ण रूप से शाकाहारी बन जाना तर्क संगत … Read more

लेखन का सफर पढ़े Muktika Publication पर

लेखन का सफर लेखन एक ऐसी यात्रा है, जो न केवल आत्म-अभिव्यक्ति का साधन है, बल्कि एक साधना है, जो समय के साथ गहराई और अनुभूति के साथ आगे बढ़ती है। लेखन का सफर किसी लेखक के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक सफर हो सकता है, क्योंकि यह केवल शब्दों के साथ खेलना नहीं, … Read more

नारी सशक्तिकरण का तात्पर्य है क्या? पढ़े Muktika Publication पर

नारी सशक्तिकरण का तात्पर्य है क्या? नारी सशक्तिकरण का तात्पर्य मात्र प्रसव पीड़ा सहन शक्ति भर तक है?या मात्र देवी स्वरूप भर है? नारी सशक्तिकरण जैसे सशक्त विषय पर जब मेरी वार्तालाप एक वरिष्ठ, पुरस्कृत एवं शिक्षित महिला से हुई तब मेरी पहचान समाज की उन बुद्धिजीवी महिलाओं से हुई जिनकी सोच अशिक्षित महिलाओं के … Read more