मैं चिड़िया हूं Social Work Organised by Muktika Publication Season 4

मैं चिड़िया हूं Organised by Muktika Publication Season 4 पिछले 3 वर्षों से मैं चिड़िया हूं दाना पानी अभियान चल रहा जिसमें देश भर से बहुत प्यार मिला इस वर्ष भी चिड़िया रानी के लिए एक छोटा सा प्रयास जिसमें बच्चे बूढ़े जवान सभी आगे आए और इस नेक कार्य को आगे बढ़ाए मिलकर। लगातार 3 … Read more

26/11 और तुकाराम ओंबले की शहादत पढ़े Muktika Publication पर

26/11 मुंबई हमला भारत के इतिहास के सबसे काले दिनों में से एक है, जो सबके दिलों में गहराई से अंकित है। 26 नवंबर 2008 को समन्वित आतंकवादी हमलों की एक श्रृंखला ने मुंबई के प्रतिष्ठित स्थलों ताज महल पैलेस होटल, ओबेरॉय ट्राइडेंट, सीएसटी रेलवे स्टेशन और नरीमन हाउस की निशाना बनाया। इस त्रासदी ने … Read more

भगवान राम: आदर्श जीवन का प्रतीक पढ़े Muktika Publication पर

भगवान राम: आदर्श जीवन का प्रतीक भगवान राम भारतीय संस्कृति और सभ्यता का ऐसा आदर्श हैं, जो सत्य, धर्म, कर्तव्य, और मर्यादा का प्रतीक माने जाते हैं। उनका जीवन और उनकी शिक्षाएं न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि समाज में नैतिकता और आदर्शों की स्थापना के लिए भी प्रासंगिक हैं। भगवान राम का … Read more

किताबें कुछ कहना चाहती है Hindi Poetry On Muktika Publication

किताबें कुछ कहना चाहती है।किताबें करती है बातें,बीते जमाने की।दुनिया के इंसानों की,आज की, कल की।एक एक पल की।खुशियों की, ग़मों की।फूलों की, खुशबुओं की।जीत की, हार की।प्यार की, इजहार की।क्या तुम नहीं सुनोगे?इन किताबों की बातें,किताबें कुछ कहना चाहती है।तुम्हारे पास रहना चाहती है।किताबों में चिड़ियां चहचहाती है।किताबों में खेत लहलहाती है।किताबों में रॉकेट … Read more

हिन्दी के प्रति युवा पीढ़ी की अरुचि: समस्या और समाधान पढ़े Muktika Publication पर

हिन्दी के प्रति युवा पीढ़ी की अरुचि: समस्या और समाधान आज के समय में हिन्दी, जो हमारी मातृभाषा और सांस्कृतिक धरोहर है, धीरे-धीरे युवा पीढ़ी की प्राथमिकताओं से हटती जा रही है। इसके पीछे कई कारण हैं, जो न केवल समाज की बदलती धाराओं को दर्शाते हैं, बल्कि हमारी शिक्षा प्रणाली और सांस्कृतिक मूल्यों के … Read more

मनुष्य का घुसपैठ पढ़े Muktika Publication पर

मनुष्य का घुसपैठ मनुष्य का खान-पान एवं पहनावा उसके परिवेश, प्राकृतिक व्यवस्था एवं जलवायु परिवर्तन पर आधारित है। अतः धर्म, जाति, लिंग जैसे मानव द्वारा निर्मित सामाजिक विभाजनों से ना तो मनुष्य के खान-पान का कुछ लेना-देना है और ना ही मनुष्य के पहनावे का।क्या मनुष्य का पूर्ण रूप से शाकाहारी बन जाना तर्क संगत … Read more

देवउठनी एकादशी का महत्त्व (तुलसी विवाह) विशेष पढ़े Muktika Publication पर

देवउठनी एकादशी का महत्त्व (तुलसी विवाह)हिंदू धर्म में देवउठनी एकादशी का विशेष महत्त्व है। इसे हरि प्रबोधिनी एकादशी, देवोत्थान एकादशी, या देवउठनी के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व भगवान विष्णु के चार महीनों की योगनिद्रा के बाद जागने का प्रतीक है। ऐसी मान्यता है कि आषाढ़ शुक्ल एकादशी से लेकर कार्तिक शुक्ल … Read more

लेखन का सफर पढ़े Muktika Publication पर

लेखन का सफर लेखन एक ऐसी यात्रा है, जो न केवल आत्म-अभिव्यक्ति का साधन है, बल्कि एक साधना है, जो समय के साथ गहराई और अनुभूति के साथ आगे बढ़ती है। लेखन का सफर किसी लेखक के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक सफर हो सकता है, क्योंकि यह केवल शब्दों के साथ खेलना नहीं, … Read more

नारी सशक्तिकरण का तात्पर्य है क्या? पढ़े Muktika Publication पर

नारी सशक्तिकरण का तात्पर्य है क्या? नारी सशक्तिकरण का तात्पर्य मात्र प्रसव पीड़ा सहन शक्ति भर तक है?या मात्र देवी स्वरूप भर है? नारी सशक्तिकरण जैसे सशक्त विषय पर जब मेरी वार्तालाप एक वरिष्ठ, पुरस्कृत एवं शिक्षित महिला से हुई तब मेरी पहचान समाज की उन बुद्धिजीवी महिलाओं से हुई जिनकी सोच अशिक्षित महिलाओं के … Read more