खानदानी परिवार की बहू- Surabhi Srivastava family story on Muktika Publication

खानदानी परिवार की बहूराजस्थान के जयपुर में स्थित “राजावत हवेली” अपनी शान-ओ-शौकत और पारंपरिक रीति-रिवाजों के लिए मशहूर थी। इस हवेली के मालिक ठाकुर रणवीर सिंह राजावत एक सख्त मिजाज इंसान थे, जो खानदानी रिवाजों को दिल से मानते थे। उनके परिवार की हर बहू ने इन परंपराओं का पालन किया था, और इस बार … Read more

खानदानी परिवार की बहु- Purnima Rai family story on Muktika Publication

शीर्षक – खानदानी परिवार की बहु मै रुमा एक बड़े घर की बहु हूँ मेरे पिता चाहते थे मेरी शादी एक अमीर से हो क्योंकि बड़े घर मे हम ख़ुश रहेंगे पैसा है गाड़ी है बेटी को औऱ क्या चाहिए लपर वो भूल गए पैसा बड़ा घर होने से खुशियाँ नहीं मिलती औऱ भी चीजे … Read more

परंपरा और आधुनिकता का संगम- Sunitha Viswanaathan family story On Muktika Publication

कहानी: परंपरा और आधुनिकता का संगम शर्मा परिवार हमेशा परंपरा और सम्मान का प्रतीक रहा है। पीढ़ियों से वे पूजा-पाठ, रीति-रिवाजों का पालन करते आ रहे हैं। इसी परिवार में एक नई बहू, सीमा, आई। सीमा एक आधुनिक परिवार से थी और उसके सपने थे कि वह एक शिक्षिका बने। उसने शर्मा परिवार की सभी … Read more

खानदानी परिवार की बहू- Shalini Family Story on Muktika Publication

खानदानी परिवार की बहू विक्रम और मीनू की मुलाकात एक दोस्त की शादी के फंक्शन में हुई थी। पहली ही मुलाकात में विक्रम मीनू को पसंद करने लगा था। विक्रम एक सेल्स एग्जीक्यूटिव था और मीनू एक स्कूल में बच्चों को डांस सिखाती थी। विक्रम किसी न किसी बहाने स्कूल में जाकर मीनू से मिला … Read more

खानदानी घर की बहु- Dr. Rishika Verma family story on Muktika Publication

डॉ. ऋषिका वर्मागढ़वाल उत्तराखंडविषय खानदानी घर की बहुबनारस शहर में एक परिवार था छोटा सा। जिसमें 2 भाई 1 बहन और माता पिता रहते थे। सबसे बड़ी बहन थी, इसलिए उसकी सबसे पहले शादी हो गई। छोटे भाई ने लव मरीज कर ली। अब बचा, बीच का बेटा। उसके ऊपर सबकी निगाहें टिकी थी। वो … Read more

बचपन की यादें short notes for everyone

बचपन कभी कागज़ की नाव, पतंग की डोर, और लट्टू की लत्ती में बसा था। बारिश की रिमझिम में दौड़ते, पार्क में कबड्डी खेलते, और आंखमिचौली खेलते  बच्चे दुनिया भूल जाते थे। वो फुटबॉल की किक, गली में क्रिकेट की पिच, और दोस्तों संग बेफिक्र दिन सब जैसे फाख्ता हो गए हैं। आज बच्चों के … Read more

आशीर्वाद Important message for everyone

विषय: आशीर्वादमुक्तिका प्रकाशन आशीर्वाद, हमारे बड़ो या फिर दूसरों द्वारा हमें दिया गया शुभकामना है। अधिकतर हम देखते है कि बड़ों का पैर छूने पर हमें आशीर्वाद देते है। भारतीय संस्कृति में आशीर्वाद का बहुत महत्त्व है। कोई अच्छा काम करने करने पर भी आशीर्वाद मिलता है। आशीर्वाद का अर्थ है किसी के कल्याण की … Read more

काशी a beautiful poem on Muktika Publication

शीर्षक-कविताविषय-काशी रचना ये काशी है यहां लोग,ऐसे ही जीते और मरते है।।एक तरफ चिता जलती,एक तरफ शहनाई बजती है।।सभी भक्त भोले नाथ,के ही सहारे जीते है।।कुछ लोग भूखे तो,कुछ लोग खा के सोते है।।ये काशी है यहां लोग,ऐसे ही जीते और मरते है।।काशी के कण-कण में, बसे शिव शंभू दिखाई देते है।।काशी की गलियों में,जय … Read more

अनमोल संपति: संस्कार heart touching emotional Hindi Story on Muktika Publication

अनमोल संपति : संस्कार राकेश और सुनीता, आज बहुत खुश थे और हो भी क्यों ना, आज उनके इकलौते बेटे संस्कार की शादी जो थी। संस्कार एक मल्टीनेशनल कंपनी में इंजीनियर था। अपनी नौकरी के एक साल बाद ही उसने अपने पिता से कहा, “पापा आपने अपनी पूरी जिंदगी मुझे काबिल बनाने के लिए लगा … Read more