दिल
प्यार
प्यार
बप्पा
बचपन की यादें और आज के बचपन की तुलना
यह कविता एक कवि के उस भाव-संसार की यात्रा है, जहाँ वह शब्दों में सपनों और प्रेम के फूल उगाना चाहता है, लेकिन दर्द और काँटों से सामना होता है। फिर भी उसकी कलम उम्मीद नहीं छोड़ती और नए सृजन की आस बनाए रखती है।
सपनों की उड़ान बहुत ऊँची होती है और एक दिन वह अपने मकसद पर जरूर पहुँचती है, बशर्ते वह खुली आँखों से देखी गयी सपनों की उड़ान होनी चाहिए। बंद आँखों से देखे गए सपनों की उड़ान बस सपनों की बनकर ही रह जाती है और असल ज़िंदगी में कुछ हासिल नहीं कर पाती। सपने … Read more
आज की ‘मन की बात’ में हम इंसान और जानवर के बीच एक बहुत ही गहरे और अद्भुत विषय पर विचार करेंगे। आज सुबह जब मैं टहलने गयी थी, तो मुझे एक कुत्ता मिला जिसके मालिक उसे घुमा रहे थे। तभी एक दूसरा कुत्ता भी अपने मालिक के साथ वहां आया। दोनों के मालिक अलग-अलग … Read more
डिजिटल भारत का दूसरा चेहरा: सुविधा बढ़ी, सुरक्षा क्यों नहीं? भारत ने डिजिटल क्रांति का ऐसा दौर देखा है, जिसकी कल्पना एक दशक पहले तक कठिन थी। मोबाइल भुगतान, ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल दस्तावेज़, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ई-गवर्नेंस ने नागरिकों का जीवन सरल बनाया है। लेकिन इस चमकदार तस्वीर का दूसरा पक्ष भी उतना ही चिंताजनक … Read more
हमारे समाज में शिक्षा का दीपक हर उस अंधकार को दूर कर सकता है, जो गरीबी और मजबूरी से पैदा होता है। आइए पढ़ते हैं दीपक नाम के एक ऐसे ही लड़के की प्रेरणादायक कहानी। एक छोटे से गाँव का दीपक और उसका बड़ा सपना एक छोटे से गाँव में दीपक नाम का लड़का रहता … Read more
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर, आइए पढ़ते हैं एक ऐसे सच्चे गुरु और शिष्य की कहानी, जो साबित करती है कि शिक्षा और संस्कार इंसान का जीवन कैसे बदल सकते हैं। ज्ञान का दीपक: एक सच्चे गुरु की कहानी गाँव के किनारे बसे एक छोटे से विद्यालय में आचार्य विद्यानंद पढ़ाते थे। उनके पास … Read more