वाणी की कहानी: कॉलेज का पहला दिन और एक दर्दनाक अनसुलझा राज

वाणी की कहानी: कॉलेज का पहला दिन और एक दर्दनाक अनसुलझा राज

वाणी की कहानी पढ़ें जहाँ कॉलेज के पहले दिन की खट्टी-मीठी यादों के पीछे छुपा है एक गहरा डर और अतीत का अनसुलझा ट्रॉमा।

कविता का खेत

यह कविता एक कवि के उस भाव-संसार की यात्रा है, जहाँ वह शब्दों में सपनों और प्रेम के फूल उगाना चाहता है, लेकिन दर्द और काँटों से सामना होता है। फिर भी उसकी कलम उम्मीद नहीं छोड़ती और नए सृजन की आस बनाए रखती है।

सपनों की उड़ान

सपनों की उड़ान

सपनों की उड़ान बहुत ऊँची होती है और एक दिन वह अपने मकसद पर जरूर पहुँचती है, बशर्ते वह खुली आँखों से देखी गयी सपनों की उड़ान होनी चाहिए। बंद आँखों से देखे गए सपनों की उड़ान बस सपनों की बनकर ही रह जाती है और असल ज़िंदगी में कुछ हासिल नहीं कर पाती। सपने … Read more

1 अद्भुत सवाल: इंसान और जानवर के बीच यह गहरा भेदभाव क्यों?

इंसान और जानवर

आज की ‘मन की बात’ में हम इंसान और जानवर के बीच एक बहुत ही गहरे और अद्भुत विषय पर विचार करेंगे। आज सुबह जब मैं टहलने गयी थी, तो मुझे एक कुत्ता मिला जिसके मालिक उसे घुमा रहे थे। तभी एक दूसरा कुत्ता भी अपने मालिक के साथ वहां आया। दोनों के मालिक अलग-अलग … Read more

डिजिटल भारत का दूसरा चेहरा: सुविधा बढ़ी, सुरक्षा क्यों नहीं?

डिजिटल भारत का दूसरा चेहरा: सुविधा बढ़ी, सुरक्षा क्यों नहीं? भारत ने डिजिटल क्रांति का ऐसा दौर देखा है, जिसकी कल्पना एक दशक पहले तक कठिन थी। मोबाइल भुगतान, ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल दस्तावेज़, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ई-गवर्नेंस ने नागरिकों का जीवन सरल बनाया है। लेकिन इस चमकदार तस्वीर का दूसरा पक्ष भी उतना ही चिंताजनक … Read more