सपनों की उड़ान

सपनों की उड़ान

सपनों की उड़ान बहुत ऊँची होती है और एक दिन वह अपने मकसद पर जरूर पहुँचती है, बशर्ते वह खुली आँखों से देखी गयी सपनों की उड़ान होनी चाहिए। बंद आँखों से देखे गए सपनों की उड़ान बस सपनों की बनकर ही रह जाती है और असल ज़िंदगी में कुछ हासिल नहीं कर पाती। सपने … Read more

1 अद्भुत सवाल: इंसान और जानवर के बीच यह गहरा भेदभाव क्यों?

इंसान और जानवर

आज की ‘मन की बात’ में हम इंसान और जानवर के बीच एक बहुत ही गहरे और अद्भुत विषय पर विचार करेंगे। आज सुबह जब मैं टहलने गयी थी, तो मुझे एक कुत्ता मिला जिसके मालिक उसे घुमा रहे थे। तभी एक दूसरा कुत्ता भी अपने मालिक के साथ वहां आया। दोनों के मालिक अलग-अलग … Read more

कुंठा : मन की सबसे बड़ी कैद

कुंठा : मन की सबसे बड़ी कैद

कुंठा : मन की सबसे बड़ी कैद कुंठा किसी एक दिन में जन्म नहीं लेती। यह धीरे-धीरे हमारे मन में तब घर बनाती है, जब हम अपने जीवन की तुलना दूसरों की उपलब्धियों से करने लगते हैं। हमें लगने लगता है कि सफलता केवल दूसरों के हिस्से में है और हम पीछे छूट गए हैं। … Read more

जब तमन्नाएँ थम जाएँ, तभी भीतर का सूर्योदय होता है

जब तमन्नाएँ थम जाएँ, तभी भीतर का सूर्योदय होता है जीवन की सबसे बड़ी विडंबना यह नहीं कि मनुष्य मर जाता है; सबसे बड़ी विडंबना यह है कि वह जीते-जी अपनी इच्छाओं का कैदी बना रहता है। वह एक इच्छा पूरी करता है, तभी दूसरी सामने खड़ी हो जाती है। उपलब्धियाँ बढ़ती हैं, सुविधाएँ बढ़ती … Read more

गुरु पूर्णिमा – सबसे बड़ा उपहार

गाँव के छोटे-से विद्यालय में पढ़ने वाला आरव एक होनहार, लेकिन बेहद गरीब छात्र था। उसके पिता खेतों में मजदूरी करते थे

1 Best नीम करौली बाबा की कहानी: Amazing चमत्कार और सच

नीम करौली बाबा

नीम करौली बाबा जन्म से महासमाधि तक | चमत्कारों की पूरी कहानी 1973 की सितंबर की एक रात। वृंदावन के एक आश्रम में एक बूढ़ा साधु कंबल ओढ़े लेटा है। उसके शिष्य उसके पैर दबा रहे हैं। अचानक वो बूढ़ा साधु आँखें खोलता है, मुस्कुराता है, और कहता है “गंगाजल ले आओ।” शिष्य दौड़ता है, … Read more

₹2 करोड़ की फिल्म ने कमाए ₹50 करोड़! कैसे बनी ‘हनुमान अंश’ 2026 की स्लीपर हिट?

₹2 करोड़ की फिल्म ने कमाए ₹50 करोड़! कैसे बनी ‘हनुमान अंश’ 2026 की स्लीपर हिट?

₹2 करोड़ की फिल्म ने कमाए ₹50 करोड़! कैसे बनी ‘हनुमान अंश’ 2026 की स्लीपर हिट? एक ऐसी फिल्म की कल्पना कीजिए… जिसका बजट था सिर्फ़ ₹2 करोड़। न कोई बड़ा सुपरस्टार…न करोड़ों का प्रमोशन…न बड़े-बड़े गाने…न कोई बड़ी PR मशीन। और जब फिल्म थिएटर में रिलीज़ हुई, तो पहले दिन कमाई हुई सिर्फ़ ₹10 … Read more

मेरी कलम मेरी पहचान ✍🏼

मेरी कलम सिर्फ शब्द नहीं लिखती, मेरे मन के भावों को आवाज़ देती है। दर्द को शक्ति, मौन को अभिव्यक्ति और सपनों को विश्वास देती है। मेरे लिए कलम ही मेरा स्वाभिमान, मेरी रूह और मेरी सबसे सच्ची पहचान है। ✍🏼❤️

सुकून की असली क़ीमत

सुकून की असली क़ीमत ईमानदारी होती है, ईमानदारी की राह अक्सर आसान नहीं होती। सच बोलने वाला कई बार अकेला पड़ जाता है, पर उसका आत्मसम्मान उसके साथ रहता है। झूठ पलभर की जीत दे सकता है, मगर ईमानदारी जीवनभर का सुकून और विश्वास दिलाती है।