"नवांकुर_का_घोष"
नई सोच, नए सपनों और नई उम्मीदों की आहट है नवांकुर।
नई सोच, नए सपनों और नई उम्मीदों की आहट है नवांकुर।
पढ़ें एक प्रतियोगी छात्र की भावुक डायरी। जानिए कैसे परीक्षा की तैयारी के दौरान अकेलापन और संघर्ष इंसान को अंदर से तोड़ देता है, पर फिर भी उम्मीद जिंदा रहती है।
जंगल के कटने से भविष्य में नुकसान
माँ, आँचल,त्याग, मातृ *1- माँ की ओढ़नी* बरसों से मौसम आते-जाते, माँ का मौसम एक रहा, खुद भीगती रही सदा, मुझ पर उसका स्नेह रहा। साड़ी की छोटी-सी छाया, मेरे लिए आकाश बनी, उसकी हर भीगी हुई सिलवट, मेरी जीवन-ढाल बनी। मैंने बारिश देखी केवल, उसने चिंता की बूँदें ओढ़ीं, मेरे हिस्से धूप बचाने, अपनी सारी खुशियाँ छोड़ी। माँ का आँचल छत नहीं, ईश्वर का ही विस्तार है, जिसकी छाया में मिट जाए हर भय, हर संताप है। जब भी जीवन आँधी बनकर, मेरे साहस को परखेगा, एक भीगी माँ का आँचल ही मुझे सँभालेगा। ममता का मूल्य कहाँ मिलता, धन-दौलत के बाज़ारों में, माँ हर मौसम भीग जाती है… सिर्फ़ बच्चों की मुस्कानों में।प्रेम
भक्ति, भोलेनाथ, सावन, भक्त, अरदास, भक्त+भगवान
मुक्तिका पब्लिकेशन परिवार द्वारा पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए आतंकवाद नहीं सहेंगे कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसके संस्थापक अजय कुमार द्विवेदी , कानपुर , उ. प्र. एवं सह संस्थापक ममता जायसवाल रायपुर, छत्तीसगढ़ एवं सभी रचनाकारों ने दो मिनट का मौन द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम की … Read more
शीर्षक-कलयुग यहां सत्य का कोई साथी नहीं,सब बन बैठे असत्य के साथी है,यहां रिश्तों का कोई मोल नहीं,आया देखो ये कैसा कलयुग है।।पति के जाते ड्यूटी पर पत्नी,गैर मर्द के साथ रात बिताती है,यहां कोई रिश्तों का मोल नहीं,आया देखो ये कैसा कलयुग है।।यहां पति भी पत्नी से कम नहीं,वो भी देता पत्नी को खूब … Read more
डा .भीमराव अंबेडकर (संविधान निर्माता)दलित कुटुंब में जन्म लिए थेवे कई क्लेशों से पीड़ित थेक्लेशों को हल कर आगे बढ़े थेऔर कई डिग्रियों को प्राप्त थेवे दलित नेता अम्बेडकर हैं।दलित लोगों का भगवानसब केलिए आदर्शवानसंघ में छुआ छूत को निर्मूलनदलित लोगों केलिए विद्वानसमाज सुधारक बने थे।वे विश्व मेधावी बने थेन्यायवादी मैं प्रसिद्द थेड्रॉपिंग कमिटी के … Read more