अधूरी प्रेम कहानी

कॉलेज का पहला प्यार हमेशा खास होता है, लेकिन जब उस प्यार में धोखा और विश्वासघात मिले, तो इंसान अंदर तक टूट जाता है। आइए पढ़ते हैं प्यार और धोखे पर आधारित एक ऐसी ही भावुक और ‘अधूरी प्रेम कहानी’।

पहली नज़र का प्यार और कॉलेज के दिन

ये कहानी ना राजा की है, ना रानी की, ये कहानी तो है एक दिवाने की। पहली बार मैने उसे कॉलेज बस स्टैंड के पास देखा, पहली नजर में मैं उसका दिवाना हुआ।

वो मेरे पास ही आ रही थी, हाय! मेरा दिल मचलने लगा, उसने मुझे पुछा कंप्यूटर कक्षा कहाँ है? मैने उसे बताया पास मे है, चलो मैं तुम्हें दिखाऊँगा।

दूसरे दिन मुझे पता चला की वो मेरे ही बैच में है, उस समय, मेरा दिल फिर मचल गया, मैं उसकी बाजूवाली कुर्सी पे जाकर बैठा।

प्यार का बढ़ता सफर और नज़दीकियाँ

वो Board की तरफ देखती, मै उसकी तरफ देखता, वो Lab में computer चलाती थी, मैं उसपर नयनो के तीर चलाता था। वो जहाँ-जहाँ जाती, मैं उसके पीछे-पीछे जाता था।

यहाँ तक की मैने सायकल पर आना छोड दिया, मैं उसके साथ city-bus में आने लगा। वो जिस stop पर उतरती थी, में भी वही उतरने लगा, और उसके पीछे उसके घर तक जाने लगा।

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प्यार का ग्रीन सिग्नल

ऐसा ही चलता रहा, प्यार को मेरी तरफ से तो ग्रीन सिग्नल था, लेकीन वो हमेशा No entry का Board दिखाती थी।

एक दिन मौका मिला, उस दिन उसकी Friend की गाड़ी चालू नही हो रही थी, और इसे तो कही जल्दी जाना था। और कोइन्सिडटली मैने लिफ्ट दी, और दोस्तो… वहीं मेरे प्यार को भी लिफ्ट मिल गयी।

जब सच्चे प्यार में मिला विश्वासघात

ऐसे प्यार बहुत दिन चलता रहा, मुझे लगा शायद अब मेरे प्यार को भी उसकी मंज़िल मिल गयी है। लेकिन मुझे क्या पता था कि इस कहानी में प्यार से ज्यादा विश्वासघात लिखा था।

एक दिन वो मुझसे बोली, “मैं बाहरगाँव जा रही हूँ, और दो दिन में वापस आऊंगी।”

मैने उसकी बात पर विश्वास किया, उसके लौटने का इंतज़ार किया, लेकिन दोस्तो वो आजतक नही आयी।

और यारों, शुरू–शुरू में तो लगा, शायद कोई मजबूरी रही होगी, धीरे–धीरे समझ आया कि वो सिर्फ बाहरगाँव नहीं गयी थी— वो हमारे रिश्ते से भी बाहर चली गयी थी।

इंतज़ार का दर्द

जिसे मैंने अपना समझकर उसपर विश्वास किया, उसी ने मेरे विश्वास को तोड़ दिया। मैं उसके लौटने का इंतज़ार करता रहा, और वो मेरी ज़िंदगी से हमेशा के लिए चली गयी।

निष्कर्ष: अधूरी प्रेम कहानी का सबक

दोस्तो, यह मेरी ना पूरी होने वाली, एक अधूरी प्रेम कहानी थी… लेकिन इस अधूरी प्रेमकहानी ने मुझे एक बात सिखा दी—

मोहब्बत में दर्द सहना आसान है, लेकिन जिस पर भरोसा किया हो, उसका विश्वासघात सहना बहुत मुश्किल है।

©️ कवि: सुहास लहुरीकर (स्वरचित एवं मौलिक रचना)

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