वो खिलखिलाती है।
स्त्री का हँसना
स्त्री का हँसना
कभी-कभी पहला प्यार हमारी जिंदगी पर इतना गहरा असर छोड़ जाता है कि हमें लगता है, उसके बाद दिल में किसी और के लिए जगह ही नहीं बची। लेकिन जिंदगी हमेशा हमारी सोच के मुताबिक नहीं चलती। यह कहानी एक ऐसे प्यार की है, जिसमें एक तरफ था बीते हुए पहले प्यार का दर्द और दूसरी तरफ एक ऐसा इंसान, जिसने चार साल तक इंतजार किया, बार-बार ठुकराए जाने के बावजूद उम्मीद नहीं छोड़ी और कभी प्यार के लिए मजबूर नहीं किया। वक्त ने जब दोनों को अलग-अलग मोड़ पर लाकर खड़ा किया, तब धीरे-धीरे एहसास हुआ कि सच्चा प्यार हमेशा पहली नजर में नहीं होता… कभी-कभी वह दोस्ती, इंतजार, परवाह और बिना किसी स्वार्थ के साथ निभाने से दिल में अपनी जगह बनाता है। क्या चार साल का इंतजार आखिरकार रंग लाया? क्या पहली मोहब्बत को भुलाकर दिल ने किसी नए इंसान को अपना लिया? पढ़िए “मन की शक्ति: पहले प्यार से सच्चे प्यार तक की एक अनकही कहानी” — एक ऐसी भावुक कहानी, जो बताती है कि सच्चे प्यार को पाने के लिए सिर्फ प्यार नहीं, बल्कि धैर्य, विश्वास और मन की शक्ति भी जरूरी होती है।
Poetry hindu
माँ, आँचल,त्याग, मातृ *1- माँ की ओढ़नी* बरसों से मौसम आते-जाते, माँ का मौसम एक रहा, खुद भीगती रही सदा, मुझ पर उसका स्नेह रहा। साड़ी की छोटी-सी छाया, मेरे लिए आकाश बनी, उसकी हर भीगी हुई सिलवट, मेरी जीवन-ढाल बनी। मैंने बारिश देखी केवल, उसने चिंता की बूँदें ओढ़ीं, मेरे हिस्से धूप बचाने, अपनी सारी खुशियाँ छोड़ी। माँ का आँचल छत नहीं, ईश्वर का ही विस्तार है, जिसकी छाया में मिट जाए हर भय, हर संताप है। जब भी जीवन आँधी बनकर, मेरे साहस को परखेगा, एक भीगी माँ का आँचल ही मुझे सँभालेगा। ममता का मूल्य कहाँ मिलता, धन-दौलत के बाज़ारों में, माँ हर मौसम भीग जाती है… सिर्फ़ बच्चों की मुस्कानों में।प्रेम
भक्ति, भोलेनाथ, सावन, भक्त, अरदास, भक्त+भगवान
प्यार, रूठना, मनाना
प्यार, रूठना मनाना