आज का विषय
मन की शांति
26 – 9- 2026
मन की शांति इंसान के लिए बहुत जरूरी है। अगर मन शांत हो तो इंसान बड़ी से बड़ी मुश्किल को आसानी से पार कर लेता है। हमें अपने मन को शांत रखने की कोशिश करनी चाहिए। अगर हम शांत दिमाग से सोचें तो हमें हर मुश्किल उतनी बड़ी नहीं लगेगी जितना हम उसे समझ रहे थे।
मन को शांत रखने की कोशिश करे
“हमारे मन को हमें शांत रखने की कोशिश करनी चाहिए। क्योंकि अगर मन अशांत है तो हम खुद बहुत अशांत हो जाते हैं। और दुखी और तनाव में रहने लगते हैं। अगर हमारा मन शांत है तो हम हर बात को बहुत सोच समझकर करते हैं। अगर मन अशांत है तो हमें सरल काम को करने में भी बहुत कठिनाई महसूस होने लगती है।
एक बार दो दोस्त व्यापार करने के लिए दूसरे देश जा रहे थे। जिसमें से एक व्यक्ति शांत स्वभाव का था। और हर बात को शान्ति से सोचता और फिर उसे करता था। उसके घर में भी सब सुकून और शांति से रहते थे।
दूसरा दोस्त हमेशा उतावला रहता था और चिड़चिड़ा रहता जिससे घर परिवार में भी अशांति रहती थी। दोनों दोस्त जा रहे थे पहला वाला सोच रहा था कि चलो देखते हैं कैसा व्यापार होता है और कितना मुनाफा होता है। अगर ज्यादा मुनाफा नहीं भी हुआ तो कोई बात नहीं अगली बार हो जाएगा। अभी से ज्यादा क्या सोचना वहीं जाकर देखेंगे कि क्या होता है।
दूसरा दोस्त पूरे रास्ते भर यहीं हिसाब लगाता रहा की मुझे इतना मुनाफा होगा तो मैं ये करूँगा और वो करूँगा। घर बड़ा करूँगा। पत्नि के लिए गहने बनाऊँगा। और पता नहीं क्या क्या सोच रहा था। क्योंकि उसने शांति से कुछ सोचा ही नहीं था।
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बीच में रास्ते में एक नदी आ गयी। दोनों को उसे पार करना था। उस नदी पर कोई पुल भी नहीं बना हुआ था और ना कोई नौका वाला ही आसपास दिखाई दे रहा था। पहला वाला दोस्त नदी के किनारे पर बैठ गया और सोचने लगा कि नौका तो खड़ी है पर नाविक नहीं है थोड़ी देर रुक जाता हूँ शायद आ जायेगा।
दूसरा दोस्त बोला, यहाँ तो कोई नाविक नहीं है। अब हम पर कैसे जाएंगे ? अगर देर हो गयी तो बाजार बंद होने का समय हो जाएगा फिर हमारा व्यापार कैसे होगा। उसे बेचैनी होने लगी। और उसने निर्णय लिया कि मैं खुद ही नौका चला कर पार चला जाता हूँ। लौटते समय नौका से वापस आकर इसे यहीं पर छोड़ दूँगा और नाविक को कुछ पैसे भी दे दूँगा।
उसने अपने दोस्त को भी साथ चलने के लिए कहा तो उसने मना कर दिया कि हम दोनों में से किसी को नौका चलाने का अभ्यास नहीं है और ना हमें ये पता है कि किस रास्ते से नौका को ले जाना है कहाँ पर नहीं गहरी है और कहाँ पर उथली। इसलिये तुम भी जल्दी बाजी मत करो। कुछ देर रुक जाओ नाविक आ जायेगा और वह हमें उस पर छोड़ देगा।
पर वह नहीं माना और बोला नौका चलाना कौन सा मुश्किल काम है। तुम तो डरपोक हो। इतना डर कर व्यापार क्या करोगे। और उसने नौका की रस्सी को खंबे से खोला और उसे खेने लगा।
कुछ देर बाद एक नाविक आ गया। दूसरा दोस्त नौका पर चढ़ गया। नाविक ने नौका आगे बढ़ा ली और वह उसे धीरे धीरे खेने लगा।
कुछ देर बाद जो दोस्त खुद नौका खेह कर ले जा था अभ्यास ना होने के कारण उसके हाथ थकने लगे। और उसे रास्ता भी नहीं पता था तो उसने जल्दीबाजी में नौका उधर को चला दी जिधर को नदी का बहाव तेज था। वह थक गया और उसकी नौका पानी के बहाव के साथ जाने लगी। अब उसे अपनी गलती का एहसास होने लगा। वह घबरा गया और मदद के लिए चिल्लाने लगा। नाविक ने जल्दी से अपनी नौका को किनारे लगाया और खुद पानी में कूद गया और किसी तरह उसे बचा कर किनारे लेकर आया।
बड़ी मुश्किल से सबने उसके पेट से पानी बाहर निकाला और उसकी जान बचाई। तब उसके दोस्त ने उसे समझाया कि जल्दी बाजी में और बिना सोचे समझे कोई कार्य नहीं करना चाहिए। जब कोई मुश्किल आए तो हडबडाहट में कोई काम नहीं करना चाहिए । बल्कि शांति से पहले उस कार्य या मुश्किल बात को सोचना चाहिए। शांति से सोचने पर कोई ना कोई रास्ता निकल ही आता है।
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वह बोला दोस्त मेरी एक बात अच्छे से याद रखना मन को हमेशा शांत रखने की कोशिश करनी चाहिए। शांत मन सारी मुश्किलों को हल करने की ताकत रखता है। फिर आप चाहे शरीर से मजबूत हो या नहीं कोई फर्क नहीं पड़ता है।
अगर आपका मन अशांत है तो आप आसान से काम को भी ठीक से नहीं कर पाओगे। फिर आप भले ही शरीर से कितने भी बलवान क्यूँ ना हों ।
अगर मन में शांति नहीं है तो इंसान कुछ समय बाद अवसाद, डिप्रेशन की ओर जाने लगता है। इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि मन की शांति बनी रहे। मन के अंदर सुकून होना आवश्यक है। इसके लिए आपको उन जगहों पर जाना चाहिये जहाँ आपको सुकून मिलता है शांति मिलती हो और आपको वहाँ जाना अच्छा लगता हो। उन लोगों से मिलते रहिए जिनसे मिलकर आपको अच्छा लगता हो। और उन कामों को करते रहिए जिन्हें करना आपको अच्छा लगता हो और जिन्हें करने से आपको खुशी मिलती हो।
मानसिक स्वास्थ बहुत जरूरी
सब कुछ शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं कुछ मानसिक स्वास्थ और मन की शांति के लिए भी करना चाहिए। जितना स्वस्थ शरीर आवश्यक है उतना मन की शांति भी आवश्यक है। अगर हमें एक सुकून भरी जिंदगी जीने की इच्छा है तो दोनों में सामंजस्य करना बहुत जरूरी है। वरना हमारा मन हमेशा अशांत ही बना रहेगा। धन्यवाद 🙏
भावना भट्ट
स्वरचित और मौलिक रचना
Bhawana Bhatt
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