मुझे मेरा अपना आकाश चाहिए
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🏆Writer of the Year – Season 4 | मुक्तिका पब्लिकेशन द्वारा आयोजित एक प्रतिष्ठित सम्मान (Year – 2026) क्या आप अपनी लेखन यात्रा को अगले स्तर पर ले जाने और अपनी साहित्यिक प्रतिभा के लिए सम्मानित होने के लिए तैयार हैं?मुक्तिका पब्लिकेशन गर्व से प्रस्तुत करता है “Writer of the Year Season 4”, एक ऐसा … Read more
मुक्तिका पब्लिकेशन परिवार द्वारा पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए आतंकवाद नहीं सहेंगे कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसके संस्थापक अजय कुमार द्विवेदी , कानपुर , उ. प्र. एवं सह संस्थापक ममता जायसवाल रायपुर, छत्तीसगढ़ एवं सभी रचनाकारों ने दो मिनट का मौन द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम की … Read more
शीर्षक-कलयुग यहां सत्य का कोई साथी नहीं,सब बन बैठे असत्य के साथी है,यहां रिश्तों का कोई मोल नहीं,आया देखो ये कैसा कलयुग है।।पति के जाते ड्यूटी पर पत्नी,गैर मर्द के साथ रात बिताती है,यहां कोई रिश्तों का मोल नहीं,आया देखो ये कैसा कलयुग है।।यहां पति भी पत्नी से कम नहीं,वो भी देता पत्नी को खूब … Read more
डा .भीमराव अंबेडकर (संविधान निर्माता)दलित कुटुंब में जन्म लिए थेवे कई क्लेशों से पीड़ित थेक्लेशों को हल कर आगे बढ़े थेऔर कई डिग्रियों को प्राप्त थेवे दलित नेता अम्बेडकर हैं।दलित लोगों का भगवानसब केलिए आदर्शवानसंघ में छुआ छूत को निर्मूलनदलित लोगों केलिए विद्वानसमाज सुधारक बने थे।वे विश्व मेधावी बने थेन्यायवादी मैं प्रसिद्द थेड्रॉपिंग कमिटी के … Read more
विषय: कलयुगकलयुग है ये धर्म की डोरी कमजोर है, पापों की अब भरमार है,सत्य ढूँढने निकले जो, पथ में उनके अंधकार है।नेता बोले मीठे बोल, भीतर लेकिन विष का जाल है,नीति, मर्यादा, शर्म-संकोच सब यहाँ बिकते है सब दलाल है। लोभ बना है भगवान यहाँ, माया ने सबको घेरा है। रिश्ते-नाते छूट गए हैं, मतलब … Read more
हनुमान जन्मोत्सवहनुमान, शक्ति के सागर, भक्ति के सच्चे सिपाही,जिनकी भक्ति की गूंज, जैसे गूंजे गगन में गूढ़ राही।राम के चरणों में बसी, उनकी अनन्य निष्ठा,जन्मोत्सव मनाते हम, करते हैं उनकी आराधना।जन्मोत्सव का यह पर्व, जैसे बहारों की पहली किरण,संग लाता है सबको, जैसे चाँद लाए रात की चादर।भक्ति की महक से महके, हर गली, हर … Read more
Kalyug: A Reflection In the era of Kalyug, values are steadily declining,Ethics and virtues, past their prime, now rust.Every bond made holy now sits in strife,Wars and tensions render the fabric of life.Jealousy bitter, a snake-like root,Where love should grow, it curls and coils.Material things, the shining snare,Scream out what was occasionally rare.Family values, like the autumn leaves,They are scattered and lost, brought … Read more
The Dreams Left Unfulfilled of Adhira Adhira was never a girl without dreams but as she started getting ideas, one of her dreams began blooming in her mind like a flower to plant more trees and keep her neighbourhood clean. She dreamt of a world in which children played in the shade of tall green trees, families had … Read more