जब शब्द दिल की बात कहने लगें

जब शब्द दिल की बात कहने लगें अकेले कोने में बैठी हुई,अक्सर मैं खुद से बातें किया करती हूँ,न जाने इस दिल का हाल क्या है—कभी बेचैन, तो कभी बेफ़िक्र सा रहता है। कभी किसी के लिए तड़पता है,तो कभी किसी से बेइंतहा मोहब्बत करता है,कभी दिल के कुछ अल्फ़ाज़सिर्फ़ दिल में ही रह जाते … Read more

बहाना तो है नहीं- ग़ज़ल

बहाना तो है नहीं- ग़ज़ल जीने का कोई अपना बहाना तो है नहीं, पर बिन जिए जहाँ से यूँ जाना तो है नहीं। बाती की उम्र ही है रोशनी की जिंदगी, पर रोशनी का कोई ठिकाना तो है नहीं। सबकी है अपनी सोच, यहाँ आदतें भी हैं, बेबात की हर बात सताना तो है नहीं। … Read more

मन कचोंटन विमोचन

मन कचोंटन विमोचन *शीर्षक,,,में गरीब ही ठीक हूँ?* “””””‘”””””””””””””””””””””””””” *यारो गरीब कि जिंदगी में बस, क्या है देखिए,,,,,,,,,* ग़रीबी उलझनों का रैन बसेरा होती है। मगर फिर भी गरीब खुश रहता है क्यों ?? क्योंकि ना इन्हे महलों के सुख नसीब होते हैं, ना सुदामा जैसा मित्र मिलता है । ना दो वक्त की रोटी … Read more

तुम्हारी मुस्कान में मेरा जहाँ

*तुम्हारी मुस्कान में मेरा जहाँ* तुम्हारी मुस्कान में मेरा जहाँ बसता है, हर धड़कन में बस तुम्हारा नाम सजता है। माथे की बिंदी जैसे चाँद की लाली, तुम्हें देखकर महक उठी मेरी हर डाली। तेरी आँखों में सावन की गहराई है, उनमें ही मेरी हर खुशी समाई है। लबों की हँसी गुलाब सी खिल जाती … Read more

वक्त की कीमत: 24 घंटे, आपकी मेहनत और सफलता का सच

वक्त की कीमत: 24 घंटे, आपकी मेहनत और सफलता का सच

वक्त की कीमत: 24 घंटे, आपकी मेहनत और सफलता का सच समय किसी के लिए नहीं ठहरता। यह ब्रह्मांड का वह एकमात्र धन है जो राजा और रंक, अमीर और गरीब, सभी को हर दिन बिल्कुल बराबर—24 घंटों के रूप में—बांटा जाता है। जो इस धन का सही उपयोग समझ गया, वह जीवन में समृद्ध … Read more

मन कचोंटन

मन कचोंटन

#विधा,,आलेख शीर्षक,,मन कचोंटन–विवेचन ———-*——————– * यह मन बड़ा चंचल है कैसे इसे समझाऊं। मन की व्यथा हंस-हंस कर गाऊं या आंसुओं में गिनाऊं। जब मन की व्यथा बिगड़ती है उससे कुछ दिखाई नहीं देता बस वही वही नजर आतीं हैं। * यारों उसकी हर अदा मन को भाती है उसके हर शब्द मन में मिश्री … Read more

मिट्टी से आएं बप्पा, मिट्टी में लौटें…

मिट्टी से आएं बप्पा, मिट्टी में लौटें…-प्रभात दत्त झा मिट्टी से आएं बप्पा, मिट्टी में लौटें… इस गणेश उत्सव पर, जब हम आस्था और उल्लास से भर जाते हैं, तो एक मिट्टी की गणेश मूर्ति घर लाना पर्यावरण और धर्म दोनों का सच्चा सम्मान है। गणपति बप्पा मोरया की धुन जब बिलासपुर की गली में … Read more

आंकड़ा मोटा, कटोरी पतली (व्यंग्य)

आंकड़ा मोटा, कटोरी पतली तिरछी नजर से प्रभात दत्त देवेन्द्रनगर,नेहै बिलासपुर (छत्तीसगढ़) रविवार, 13 सितंबर 2026   रामप्रसाद के घर सुबह का हिसाब बैठ रहा था। रेडियो पर मंत्री जी का स्वर था—विकास दर सात दशमलव आठ प्रतिशत, विश्व की सबसे तेज बड़ी अर्थव्यवस्था, हेराक्यूलीयन उपलब्धि। वैश्विक हवाएं उलटी थीं, तेल नाच रहा था, फिर … Read more

चारदीवारी से आज़ादी — मेरा सबसे बड़ा सपना

चारदीवारी से आज़ादी — मेरा सबसे बड़ा सपना

मेरा सबसे बड़ा सपना क्या है? मेरी सबसे बड़ी चाहत है—अपनी आज़ादी। चारदीवारी से आज़ादी — मेरा सबसे बड़ा सपना इन चार दीवारों से बाहर निकलना, अपने लिए फैसले लेना, अपने सपनों को जीना और अपनी जिंदगी को अपनी शर्तों पर देखना… मेरे लिए यही मेरी पहली प्राथमिकता है। लेकिन चाहकर भी मैं इन चार … Read more